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PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड लॉन्च, केरल से कनेक्टिविटी और कल्याण का संदेश, PM ने कई ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी,

Kerala Development:तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बड़ी सौगात दी। उन्होंने तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों और एक त्रिशूर–गुरुवायूर पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इन ट्रेनों का मकसद केरल की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करना है, ताकि तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से आवागमन आसान हो सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे दक्षिण भारत के राज्यों के बीच आपसी जुड़ाव और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने की सुविधा

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस क्रेडिट कार्ड को अब UPI से लिंक किया जा सकता है। यह एक UPI-लिंक्ड, ब्याज-मुक्त और रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा है, जिसे खासतौर पर स्ट्रीट वेंडर्स, ठेले लगाने वालों और फुटपाथ पर सामान बेचने वाले लोगों के लिए तैयार किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड की शुरुआत केरल से हुई है और यह पहल देशभर के गरीब और मेहनतकश लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। यह योजना सरकार के समावेशी विकास और वित्तीय सशक्तिकरण के लक्ष्य को और मजबूत करती है।

क्या है PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड

PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड उन स्ट्रीट वेंडर्स के लिए है, जिन्होंने पहले दो PM SVANidhi लोन समय पर चुका दिए हैं। यह कार्ड रोजमर्रा के खर्चों के लिए तुरंत और जरूरत के हिसाब से क्रेडिट की सुविधा देता है।

शुरुआत में इसकी क्रेडिट लिमिट ₹10,000 तक होती है, जिसे आगे चलकर ₹30,000 तक बढ़ाया जा सकता है। इस कार्ड की वैधता 5 साल की होती है। यह एक रिवॉल्विंग क्रेडिट सिस्टम है, यानी रकम चुकाने के बाद दोबारा इस्तेमाल की जा सकती है। यह कार्ड बैंकों द्वारा जारी किया जाता है।

PM SVANidhi योजना क्या है

PM SVANidhi यानी प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना एक केंद्र सरकार की माइक्रो-क्रेडिट योजना है। इसे 1 जून 2020 को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शुरू किया था। इसका उद्देश्य कोरोना काल में प्रभावित हुए स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक सहारा देना था।

इस योजना के तहत पहले ₹10,000 का बिना गारंटी लोन दिया जाता है। इसके बाद ₹20,000 और ₹50,000 के लोन पर 7 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी मिलती है।

डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा

यह योजना डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने पर खास जोर देती है। जो स्ट्रीट वेंडर्स डिजिटल ट्रांजैक्शन अपनाते हैं, उन्हें हर महीने ₹100 तक का कैशबैक भी दिया जाता है। इससे छोटे कारोबारियों को डिजिटल इंडिया से जोड़ने में मदद मिलती है।

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