Site icon News1India

Prahlad Joshi Gets Additional Charge: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी संभालेंगे शिक्षा मंत्रालय

Prahlad Joshi: केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी को अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह फैसला केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद लिया गया। नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह इसे कर्तव्य और विनम्रता की भावना के साथ स्वीकार करते हैं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरी निष्ठा से काम करेंगे।

राष्ट्रपति ने मंजूर किया इस्तीफा

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके कुछ ही घंटों बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया।

कर्नाटक दौरे से लौटे दिल्ली

जब यह फैसला लिया गया, उस समय प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के अपने संसदीय क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शामिल थे। उन्हें दिल्ली से सूचना मिलने के बाद उन्होंने अपना कार्यक्रम बदला और हुबली से शनिवार शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए। राजधानी पहुंचने पर उन्हें शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने की जानकारी दी गई।

कौन हैं प्रह्लाद जोशी?

प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयनगर में हुआ था। उन्होंने हुबली के केए कॉलेज से बीए की पढ़ाई की। उनकी पत्नी ज्योति जोशी व्यवसायी हैं और उनकी तीन बेटियां हैं। अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने सामाजिक कार्य और व्यवसाय को अपना पेशा बताया है।

दो दशक से सांसद, कई मंत्रालयों का अनुभव

प्रह्लाद जोशी वर्ष 2004 से लगातार कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भाजपा के जिला संगठन से की थी। 2019 में पहली बार केंद्र सरकार में मंत्री बने और कोयला, खान तथा संसदीय कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। 2024 के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहेगा।

अनुभव के साथ नई जिम्मेदारी

केंद्र सरकार में लंबे प्रशासनिक अनुभव के कारण प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि वह अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय के कार्यों की भी निगरानी करेंगे।

Exit mobile version