Gallantry Awards: स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के लिए 78 गैलेंट्री अवॉर्ड को मंजूरी दी है। इन पुरस्कारों में असाधारण साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और देश की सुरक्षा के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को सम्मानित किया गया है। खास बात यह है कि इनमें 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे।
19 शौर्य चक्र
इस बार 19 जवानों और अधिकारियों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। इनमें सेना के अलावा नौसेना, वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मी भी शामिल हैं। 9 राष्ट्रीय राइफल्स के लांस नायक नरेंद्र सिंधु को शौर्य चक्र मरणोपरांत दिया गया है। वहीं मेजर परमवीर, मेजर तरुण वासुदेवन, मेजर केशव कुमार, मेजर गौरव सिंह बृजवाल और मेजर वीपिन कुमार समेत कई सैन्यकर्मियों को यह सम्मान मिला है।
दोबारा बड़ा सम्मान
मेजर आदित्य प्रताप सिंह को Bar to Shaurya Chakra दिया गया है। इसका मतलब है कि उन्हें पहले मिले शौर्य चक्र के बाद दोबारा असाधारण वीरता के लिए उसी सम्मान की बार प्रदान की गई है। इसके अलावा पांच सैन्यकर्मियों को Bar to Sena Medal (Gallantry) मिला है। इनमें मेजर डीएस पाओशो, मेजर अनुज महाजन, मेजर कृष्ण कांत, सूबेदार रमेश कुमार और नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह शामिल हैं।
कीर्ति चक्र भी
78 पुरस्कारों में 9 कीर्ति चक्र शामिल हैं, जिनमें 7 मरणोपरांत दिए गए हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज फ्रांसिस और मेजर जितेंद्र राठी को कीर्ति चक्र मिला है। वहीं 2 पैरा के हवलदार गजेंद्र सिंह सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कई कर्मियों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया है। कीर्ति चक्र देश का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार माना जाता है।
सेना से सबसे ज्यादा
पुरस्कारों की पूरी सूची में सेना का योगदान सबसे बड़ा है। कुल 36 सेना मेडल (गैलेंट्री) भी मंजूर किए गए हैं, जिनमें पांच मरणोपरांत हैं। इसके अलावा नौसेना के तीन कर्मियों को नाओ सेना मेडल और वायुसेना के पांच कर्मियों को वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) दिया गया है। राष्ट्रपति ने 89 Mention-in-Despatches को भी मंजूरी दी है, जिसमें सेना के 75, नौसेना के 4 और वायुसेना के 10 कर्मी शामिल हैं।
