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संसद से राहुल गांधी ने दी खुली चुनौती, ’दम है तो पीएम नरेंद्र मोदी कहें, डोनाल्ड ट्रंप बोल रहे हैं झूठ’

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में मंगलवार को भी चर्चा जारी है। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष पर जमकर निशाना। विपक्ष की ओर से आज लोकसभा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव जैसे बड़े नेताओं ने सरकार को घेरा। सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी गरजे और पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर बरसे। राहुल गांधी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिया। पाकिस्तान को लेकर भी बोले और ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया।

ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत सरकार ने गलती की है। हमारी किसी से लड़ाई हुई है और हम उससे कहें कि भैया अब ठीक है, हम लड़ाई नहीं चाहते। हमने आपको एक थप्पड़ मारा है, दूसरा थप्पड़ नहीं मारेंगे। गलती सेना की नहीं, सरकार की थी। डोनाल्ड ट्रंप ने 29 बार कहा है कि हमने युद्ध रुकवाया। अगर दम है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां सदन में यह बोल दें कि वह असत्य बोल रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा, इंदिरा गांधी के 50 परसेंट भी करेज होगा उनमें, तो यहां बोल देंगे। अगर सचमुच में दम है तो पीएम को यहां कह देना चाहिए कि डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोल रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि कल सैम मानेकशॉ को कोट किया गया। इंदिरा जी से सैम मॉनेकशॉ ने कहा कि हम अभी ऑपरेशन नहीं कर सकते। हमें छह महीने का समय चाहिए, गर्मियों में करेंगे। इंदिरा जी ने पूरा समय दिया था। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री ने सदन में कहा कि हमने 1.35 पर पाकिस्तान को यह बताया कि हमने आतंकी ठिकानों पर हमला किया है। यह एस्केलेटरी नहीं थी। अब कोई एस्केलेशन नहीं होना चाहिए। आपने 30 मिनट में ही पाकिस्तान के सामने सरेंडर कर दिया। यह बता दिया कि आपके पास लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं है। आपने ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया।

राहुल गांधी ने पहलगाम हमले को क्रूर बताते हुए कहा कि जो हुआ, वह गलत हुआ। सभी ने इसकी निंदा की। हम चट्टान की तरह चुनी हुई सरकार के साथ खड़े रहे। हम पहलगाम हमले के बाद नरवाल साहब के घर गए, उनका पुत्र नेवी में था। यूपी में भी पीड़ित परिवार से मिलने गए। कश्मीर में भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। हम राजनीतिक काम से लोगों से मिलते रहते हैं। जब हाथ मिलाते हो तब पता चल जाता है कि ये टाइगर है। टाइगर को आजादी देनी पड़ती है। सेना को पूरी आजादी देनी होती है। राहुल गांधी ने कहा, 1971 में तब की प्रधानमंत्री ने अमेरिका की परवाह नहीं की। एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर किया।

राहुल गांधी ने कहा कि हमारी विदेश नीति में दिवालियापन है। एक भी देश ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की। कल रक्षा मंत्री ने एक बार भी चीन का नाम नहीं लिया। सरकार डर चुकी है। चीन और पाकिस्तान एक हो गए हैं और यह खतरों से भरा समय है। हम ऐसे प्रधानमंत्री को नहीं चाहते हैं जिसमें यह कहने का साहस न हो कि ट्रंप ने मध्यस्थता नहीं की। जिसने सेना को रोक दिया। ऐसा न हो कि भारत की छवि युद्ध भूमि में बदल जाए। पीएम मोदी की छवि और राजनीति से बढ़कर देश है।

कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमने 30 मिनट में सरेंडर कर दिया। सरकार ने पाकिस्तान में हमला किया और पायलट को बोला कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम को मत मारो। आपने पायलटों के हाथ बांध दिए। हमने विमान इसलिए खोए कि हमारी राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी। जरूरी सवाल है कि जेट गिरे क्यों? भारतीय वायुसेना ने कोई गलती नहीं की। गलती राजनीतिक नेतृत्व ने की। क्योंकि वायुसेना के हाथ बांध दिए गए थे।

 

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