राजा रवि वर्मा की कौन सी कलाकृति ने एम एफ हुसैन का तोड़ा रिकॉर्ड, बनी अब तक की सबसे महंगी भारतीय पेंटिंग

राजा रवि वर्मा की ‘यशोदा और कृष्ण’ पेंटिंग ने रिकॉर्ड कीमत पर बिककर इतिहास रच दिया। इसने एम.एफ. हुसैन का रिकॉर्ड तोड़ा और भारतीय कला को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई।

: Raja Ravi Varma Yashoda Krishna painting record

Record Breaking Painting: भारत के महान कलाकार Raja Ravi Varma की मशहूर पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ ने एक नया इतिहास रच दिया है। इस पेंटिंग ने न सिर्फ बड़ा रिकॉर्ड बनाया, बल्कि दिग्गज कलाकार Maqbool Fida Husain का भी पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। इसे भारतीय कला की ‘मोना लिसा’ भी कहा जाता है।

क्यों है यह पेंटिंग खास

यह पेंटिंग मां और बच्चे के रिश्ते को बेहद खूबसूरती से दिखाती है। इसमें यशोदा और छोटे कृष्ण के बीच का प्यार साफ नजर आता है। यह भाव ऐसा है, जो हर संस्कृति और हर देश में समझा जा सकता है। इसी वजह से इसे ईसाई कला में मदर मैरी और जीसस की छवि से भी जोड़ा जाता है।

कीमत ने सबको चौंकाया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पेंटिंग की अनुमानित कीमत करीब 80 करोड़ रुपये लगाई गई थी। लेकिन नीलामी में यह उम्मीद से कहीं ज्यादा कीमत पर बिकी। यह पेंटिंग लगभग 167.2 करोड़ रुपये ज्यादा में बिकी, यानी इसकी कीमत में 100 प्रतिशत से भी ज्यादा का उछाल देखा गया।

पुराना रिकॉर्ड भी टूटा

इससे पहले Maqbool Fida Husain की एक पेंटिंग ने 2025 में न्यूयॉर्क की नीलामी में करीब 118.7 करोड़ रुपये में बिककर रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन अब ‘यशोदा और कृष्ण’ ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। नई कीमत पुराने रिकॉर्ड से करीब 49 करोड़ रुपये ज्यादा रही।

पुरानी लेकिन अनमोल कृति

यह पेंटिंग 1890 के दशक के आसपास बनाई गई थी। इसमें यशोदा को काम करते हुए दिखाया गया है, जबकि छोटे कृष्ण उनके पास आते नजर आते हैं। इस सादगी भरे दृश्य में गहरी भावनाएं छिपी हुई हैं, जो इसे और भी खास बनाती हैं।

कला प्रेमियों की पहली पसंद

इस पेंटिंग की सबसे बड़ी खासियत इसकी भावनात्मक गहराई और शानदार कला है। यही वजह है कि यह कला प्रेमियों और कलेक्टर्स के बीच बेहद लोकप्रिय रही है। इसे भारतीय कला की बेहतरीन कृतियों में गिना जाता है।

भारतीय कला को मिला बढ़ावा

दिल्ली आर्ट गैलरी के सीईओ अशीष आनंद के अनुसार, यह बिक्री भारतीय कला बाजार की मजबूती को दिखाती है। इससे साफ होता है कि दुनिया भर में भारतीय कला को लेकर दिलचस्पी बढ़ रही है। आने वाले समय में अन्य भारतीय कलाकारों की पेंटिंग्स की कीमत भी बढ़ सकती है।

नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता बाजार

कला विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय आर्ट मार्केट अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस तरह के रिकॉर्ड यह साबित करते हैं कि भारत की कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है।

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