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Republic Day: देशभक्ति, आत्मनिर्भर भारत, सांस्कृतिक विविधता का अनोखा संगम, वंदे मातरम् के 150 वर्षों को समर्पित झांकियां,

Republic Day tableau special India

Republic Day Tableau Special: इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह खास मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होना है। इसी गौरवपूर्ण अवसर को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे आयोजन को विशेष रूप से तैयार किया है। यह समारोह देशभक्ति, एकता और आधुनिक भारत की सोच को एक साथ दर्शाएगा।

दो बड़ी थीम पर आधारित है पूरा समारोह

इस बार गणतंत्र दिवस परेड को दो साझा विषयों पर केंद्रित किया गया है। पहली थीम है ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और दूसरी है ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’। इन्हीं विषयों के इर्द-गिर्द राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों की झांकियां तैयार की गई हैं। कुल 30 झांकियां अपनी कला, विचार और संदेश के जरिए दर्शकों को आकर्षित करेंगी।

झांकियों में दिखेगा इतिहास और विकास का संगम

इस वर्ष की झांकियों में ‘वंदे मातरम्’ गीत की ऐतिहासिक भूमिका और स्वतंत्रता आंदोलन में उसके योगदान को खास तौर पर दिखाया जाएगा। साथ ही आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश ने रक्षा, तकनीक, कृषि और उद्योग जैसे क्षेत्रों में जो प्रगति की है, उसे भी झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

कौन से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां होंगी शामिल

इस साल 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां कर्तव्य पथ पर नजर आएंगी।
उत्तर भारत से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब शामिल हैं।

दक्षिण भारत से तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी भाग लेंगे।
पूर्व और पूर्वोत्तर से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मणिपुर और नागालैंड की झांकियां होंगी।

पश्चिम भारत से गुजरात और महाराष्ट्र अपनी सांस्कृतिक झलक दिखाएंगे।

कुछ प्रमुख झांकियों की थीम

तमिलनाडु की झांकी आत्मनिर्भर भारत के तहत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण पर केंद्रित होगी।

उत्तर प्रदेश की झांकी बुंदेलखंड की समृद्ध संस्कृति को दर्शाएगी।

केरल की झांकी वाटर मेट्रो और 100 प्रतिशत डिजिटल केरल की झलक देगी।
ओडिशा की झांकी नवाचार और परंपरा के मेल को दिखाएगी।

केंद्र सरकार के मंत्रालयों का भी प्रदर्शन

राज्यों के अलावा केंद्र सरकार के 13 मंत्रालय और विभाग भी अपनी झांकियों के जरिए उपलब्धियां दिखाएंगे। संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम्: राष्ट्र की आत्मा’ मुख्य आकर्षण होगी। इसके साथ आयुष, गृह मंत्रालय, रक्षा, शिक्षा और कौशल विकास मंत्रालय भी शामिल रहेंगे।

कुछ राज्यों को क्यों नहीं मिला मौका

रक्षा मंत्रालय की नई रोटेशन नीति के तहत इस वर्ष कुछ राज्यों की झांकियां शामिल नहीं की गई हैं। इसका उद्देश्य यह है कि तीन साल के भीतर हर राज्य को कम से कम एक बार अपनी झांकी दिखाने का अवसर मिले।

विशेष मेहमान और भारतीय रंग

समारोह में देशभर से 400 जनजातीय मेहमानों को बुलाया गया है। इसके अलावा तकनीक, स्टार्ट-अप और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े करीब 5,000 विशेष अतिथि भी शामिल होंगे। दर्शकों के बैठने वाले एनक्लोजर के नाम भारत की नदियों और वाद्य यंत्रों के नाम पर रखे गए हैं।

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