RTO New Rules: सड़क सुरक्षा बढ़ाने, ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और वाहन से जुड़े कामकाज में डिजिटल पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मोटर वाहन नियमों में कई बदलावों की चर्चा है। इनका सीधा संबंध ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रैफिक चालान, FASTag और वाहन के डिजिटल दस्तावेजों से है। कार, बाइक या कमर्शियल वाहन चलाने वाले लोगों के लिए इन नियमों की जानकारी रखना जरूरी है। हालांकि, सोशल मीडिया और ऑनलाइन रिपोर्टों में बताए जा रहे कुछ प्रावधानों की आधिकारिक पुष्टि और लागू होने की तारीख अलग-अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित सरकारी पोर्टल या विभागीय अधिसूचना की जांच करना बेहतर होगा।
Challan को लेकर सख्ती
बताए जा रहे नए प्रावधानों के मुताबिक, ई-चालान जारी होने के बाद निर्धारित समयसीमा में उसका भुगतान करना जरूरी होगा। समय पर चालान नहीं भरने पर वाहन से जुड़ी कुछ आरटीओ सेवाओं पर रोक लगाए जाने की बात कही जा रही है। इनमें आरसी ट्रांसफर, फिटनेस सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाएं शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा, बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर भी सख्त कार्रवाई की व्यवस्था होने की बात कही जा रही है। हालांकि, एक साल में पांच चालान होने पर लाइसेंस अपने आप रद्द होने जैसे दावों को आधिकारिक नियमों से सत्यापित करना जरूरी है।
नियम तोड़ने पर कार्रवाई
सड़क सुरक्षा को लेकर बिना लाइसेंस वाहन चलाने, शराब पीकर ड्राइविंग करने और बिना बीमा वाहन चलाने जैसे मामलों में पहले से ही कड़े दंड का प्रावधान है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने के साथ लाइसेंस निलंबन या अन्य कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं, गलत चालान जारी होने की स्थिति में वाहन चालक को संबंधित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है। ऐसे मामलों में चालान को चुनौती देने के लिए उपलब्ध आधिकारिक व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए वाहन चालकों को किसी गलत ई-चालान की स्थिति में समय रहते शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
टोल भुगतान में बदलाव
FASTag को लेकर भी कई नए नियमों की जानकारी सामने आ रही है। निजी कार, जीप और वैन के लिए FASTag जारी करने से पहले वाहन की जानकारी VAHAN डेटाबेस या आरसी के जरिए सत्यापित की जा सकती है। इसके अलावा, टोल प्लाजा पर बिना वैध FASTag पहुंचने वाले वाहनों से सामान्य टोल से अधिक शुल्क वसूले जाने का प्रावधान पहले से मौजूद है। नकद भुगतान और डिजिटल भुगतान से जुड़े शुल्क भी लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए टोल यात्रा से पहले FASTag का बैलेंस, वैधता और वाहन से लिंक स्थिति जरूर जांच लेना चाहिए।
FASTag सही जगह लगाना जरूरी
FASTag को वाहन की सामने वाली विंडशील्ड पर निर्धारित तरीके से लगाना जरूरी है, ताकि टोल प्लाजा पर लगे स्कैनर उसे आसानी से पढ़ सकें। यदि FASTag गलत जगह लगाया गया है या काम नहीं कर रहा है, तो वाहन को टोल भुगतान में परेशानी हो सकती है और लागू नियमों के तहत अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है। वाहन चालकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि FASTag उनके सही वाहन नंबर से जुड़ा हो। टैग खराब होने या ब्लैकलिस्ट होने की स्थिति में समय रहते बैंक या संबंधित FASTag सेवा प्रदाता से संपर्क करना बेहतर है।
कागज रखने की जरूरत नहीं
वाहन चालकों के लिए डिजिटल दस्तावेजों की सुविधा भी काफी उपयोगी है। चेकिंग के दौरान वैध डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और अन्य स्वीकृत दस्तावेज DigiLocker या mParivahan जैसे आधिकारिक डिजिटल माध्यमों पर दिखाए जा सकते हैं। इससे हर समय दस्तावेजों की हार्ड कॉपी साथ रखने की जरूरत कम हो जाती है। हालांकि, वाहन चालकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डिजिटल रिकॉर्ड सही और अपडेटेड हो। साथ ही, किसी भी नए नियम, जुर्माने या लाइसेंस कार्रवाई को लेकर वायरल दावों पर भरोसा करने के बजाय Ministry of Road Transport and Highways और National Highways Authority of India की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
