Burqa Kanwar Case : उत्तर प्रदेश के संभल में बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा करने के बाद चर्चा में आईं तमन्ना मलिक एक बार फिर खबरों में हैं। इस बार मामला उनकी धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई का है। एसडीएम कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की परिस्थितियों को देखते हुए दोनों का पक्ष जानना जरूरी है, ताकि आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जा सके।
नोटिस की वजह
प्रशासन के अनुसार, तमन्ना मलिक की कांवड़ यात्रा और उससे जुड़े घटनाक्रम के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए एसडीएम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। नोटिस में दोनों से पूछा गया है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को लेकर उनका क्या पक्ष है और क्यों उनके खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई न की जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जवाब मिलने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
पहले कैसे बनी थीं चर्चा का केंद्र
तमन्ना मलिक उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। इस दौरान उनके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थीं। कई लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा, जबकि कुछ लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी थीं। तमन्ना ने उस समय कहा था कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत श्रद्धा और मन्नत पूरी करने के लिए यह यात्रा की थी। यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से उन्हें सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई थी।
जवाब के बाद होगा फैसला
एसडीएम कोर्ट के नोटिस के बाद अब तमन्ना मलिक और अमन त्यागी को अपना लिखित जवाब दाखिल करना होगा। प्रशासन दोनों के जवाब का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो नियमानुसार अन्य प्रशासनिक कदम भी उठाए जा सकते हैं। फिलहाल पूरा मामला प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत चल रहा है और अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच और जवाब के आधार पर लिया जाएगा।
मामले पर बनी हुई है नजर
यह मामला एक बार फिर धार्मिक आस्था, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि उसकी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी पक्षों को सुनने के बाद निष्पक्ष निर्णय लेना है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि तमन्ना मलिक और उनके पति नोटिस का क्या जवाब देते हैं और उसके बाद प्रशासन क्या फैसला लेता है।
