SOG Team Suspension: संभल में पूरी एसओजी टीम हुई सस्पेंड, क्या थे आरोप, प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी पर गिरी गाज

संभल जिले में एसओजी टीम पर लगे मारपीट और वसूली के आरोप जांच में सही पाए गए। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एसओजी प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर कड़ी कार्रवाई की।

SOG Team Suspension: जनपद में एसओजी टीम पर लगे गंभीर आरोपों के बाद पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन लिया गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एसपी ने पूरी एसओजी टीम को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है और मामले की चर्चा तेज हो गई है।

एसपी ने लिया कड़ा निर्णय

जिले के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सख्त कदम उठाया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एसओजी प्रभारी उप निरीक्षक मोहित कुमार सहित कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं। साथ ही उप निरीक्षक बोबिंद्र शर्मा को नई एसओजी टीम का प्रभारी बनाया गया है।

कबाड़ी से जुड़ा मामला

कुछ दिन पहले एसओजी टीम पर गंभीर आरोप लगे थे। जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के लाडम सराय इलाके से एक कबाड़ी को पकड़ा गया था, जो मुरादाबाद जिले के बिलारी का रहने वाला बताया गया। उसके पास बोरे में मोबाइल प्लेट से निकली चांदी जैसी धातु मिली थी।

मारपीट और वसूली के आरोप

आरोप है कि टीम उसे सामान सहित चौधरी सराय चौकी ले गई और कमरे में बैठा दिया। वहां उसके साथ मारपीट की गई। बाद में एक अन्य कबाड़ी के जरिए पैसे लेकर उसे छोड़ दिया गया, जबकि बरामद धातु अपने पास रख ली गई। यह भी कहा गया कि सामान वापस करने के बदले और रुपये मांगे गए थे।

दूसरे मामले भी सामने आए

इसी टीम पर रायसत्ती थाना क्षेत्र में भी एक अन्य मामले में आरोप लगे थे। इन सभी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई गई। जांच की जिम्मेदारी सीओ संभल आईपीएस आलोक भाटी को सौंपी गई थी। उन्होंने पूरे मामले की विस्तार से जांच की। जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एसओजी प्रभारी मोहित कुमार, हेड कांस्टेबल कुलवंत, अरशद, कांस्टेबल विवेक, बृजेश, हीरेश ठेनुआ, आयुष और अजनबी को निलंबित कर दिया। बताया जा रहा है कि टीम पर कई गंभीर आरोप साबित हुए हैं।

कड़ी कार्रवाई का संदेश

एसपी ने साफ कहा कि पुलिस की छवि खराब करने वाली किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में निष्पक्ष जांच कराई गई और आरोप सही पाए जाने पर पूरी टीम को सस्पेंड किया गया। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन कायम करने के तौर पर देखा जा रहा है।

आगे भी जारी रहेगी जांच

प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी। अगर आगे भी कोई लापरवाही या गलत काम सामने आता है, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले ने जिले में चर्चा का माहौल बना दिया है।

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