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Diwali Celebration in Other Countries: क्या आप जानते हैं कि सिर्फ भारत में ही नहीं दुनिया के इन देशों भी मनाई जाती है दिवाली

Diwali in Muslim Majority Countries: दिवाली को आमतौर पर भारत का बड़ा त्योहार माना जाता है, लेकिन इसकी रौनक देश की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है। दुनिया के कई मुस्लिम बहुल देशों में भी भारतीय और हिंदू समुदाय के लोग पूरे उत्साह के साथ दीपावली मनाते हैं। कहीं मंदिरों और घरों में पूजा होती है, तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामूहिक आयोजनों के जरिए त्योहार की खुशियां बांटी जाती हैं।खास बात यह है कि कुछ देशों में स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग भी इन आयोजनों में शामिल होते हैं।

इंडोनेशिया

इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है, लेकिन यहां की संस्कृति पर हिंदू परंपराओं और रामायण का गहरा प्रभाव रहा है। जावा और बाली जैसे इलाकों में रामायण से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जावा का प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर भी इस विरासत की पहचान है, जहां रामायण पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन होता है।

हालांकि, इंडोनेशिया में दिवाली भारत की तरह व्यापक राष्ट्रीय त्योहार नहीं है। यहां भारतीय समुदाय और हिंदू परिवार अपनी परंपराओं के अनुसार इसे मनाते हैं। घरों में दीये जलाए जाते हैं और परिवार के लोग पूजा-पाठ के साथ त्योहार की खुशियां साझा करते हैं।

UAE

संयुक्त अरब अमीरात, खासकर दुबई में दिवाली बड़े स्तर पर मनाई जाती है। यहां भारतीय समुदाय की बड़ी आबादी है, इसलिए त्योहार के दौरान बाजारों, मॉल और सार्वजनिक जगहों पर खास सजावट देखने को मिलती है।

दुबई में दिवाली के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और डांस शो आयोजित किए जाते हैं। बुर्जुमान मॉल समेत कई जगहों पर विशेष आयोजन होते हैं। भारतीय समुदाय के साथ स्थानीय निवासी और दूसरे देशों से आए लोग भी इन कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। दीये जलाने, रंगोली बनाने और मिठाइयां बांटने से शहर में त्योहार जैसा माहौल बन जाता है।

मलेशिया

मलेशिया में दिवाली को दीपावली या ‘हरि दीपावली’ कहा जाता है। यहां यह त्योहार इतना महत्वपूर्ण है कि इसके मौके पर सार्वजनिक अवकाश रहता है। हिंदू परिवार घरों को सजाते हैं, पूजा करते हैं और रिश्तेदारों व दोस्तों के साथ खुशियां मनाते हैं।

यहां ‘ओपन हाउस’ की परंपरा भी खास है। इसके तहत परिवार अपने दोस्तों, पड़ोसियों और दूसरे समुदायों के लोगों को घर बुलाते हैं। मेहमानों को पारंपरिक पकवान और मिठाइयां परोसी जाती हैं। इस तरह त्योहार अलग-अलग समुदायों को करीब लाने का मौका बनता है।

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