Stock Market Crash: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशकों में हड़कंप दो दिन में डूबे 11.50 लाख करोड़ रुपए

ट्रंप की टैरिफ धमकी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर तिमाही नतीजों से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। दो दिनों में निवेशकों को 11.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा।

Stock Market Crash Shakes Investors: डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी और फ्रांस के पीस बोर्ड में शामिल न होने की जिद ने एक बार फिर वैश्विक शेयर बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स में 1,073 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। लगातार दो दिनों में सेंसेक्स 2,300 अंकों से ज्यादा टूट चुका है, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है।

मंगलवार को ही शेयर बाजार निवेशकों को करीब 9 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, जबकि दो दिनों में यह नुकसान 11.50 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। बाजार की यह गिरावट केवल ट्रेड वॉर की वजह से नहीं, बल्कि कई घरेलू और वैश्विक कारणों से आई है।

शेयर बाजार में कैसी रही चाल?

मंगलवार दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 960.77 अंकों की गिरावट के साथ 82,280.61 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दिन के दौरान सेंसेक्स 1,098.66 अंक टूटकर 82,147.52 तक पहुंच गया था, जो दिन का सबसे निचला स्तर रहा।
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी कमजोर नजर आया। निफ्टी 351.10 अंकों की गिरावट के साथ 25,235.95 पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान यह 25,233.70 के निचले स्तर तक फिसल गया। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले सत्रों में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।

कौन से बड़े कारणों से टूटा बाजार

सबसे बड़ा कारण ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता है। अमेरिका और यूरोप के बीच ट्रेड वॉर की आशंका ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। सोमवार को एफआईआई ने 3,262 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेच डाले।

तीसरी तिमाही के नतीजे भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। खासतौर पर आईटी सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। विप्रो के कमजोर अनुमान के बाद आईटी शेयरों में बिकवाली तेज हो गई।

एशियाई बाजारों में गिरावट और अमेरिकी बाजारों से कमजोर संकेतों ने भी माहौल बिगाड़ा।

इसके अलावा रुपये में गिरावट, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, निफ्टी की साप्ताहिक एक्सपायरी और सरकारी बैंकों के शेयरों में कमजोरी ने बाजार को और नीचे खींचा। इंडिया वीआईएक्स में बढ़ोतरी ने भी निवेशकों की घबराहट साफ दिखाई।

निवेशकों को कितना हुआ नुकसान?

बीएसई का कुल मार्केट कैप एक दिन पहले 4,65,68,777 करोड़ रुपए था, जो गिरकर 4,57,15,068 करोड़ रुपए रह गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति करीब 9,02,669 करोड़ रुपए घट गई। अगर पिछले दो से तीन दिनों की बात करें, तो कुल नुकसान 14.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुका है।

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