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Air Fare Hike : हवाई टिकट 700% महंगे होने पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, 2027 से बदलेंगे नियम

Supreme Court Air Fare Hike: हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों से परेशान यात्रियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सोमवार को विमान किराए में 700 फीसदी तक की बढ़ोतरी का दावा करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से अदालत ने इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि हवाई यात्रा अब आम लोगों की जरूरत बन चुकी है और टिकटों की कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी उनके अधिकारों का उल्लंघन है। इस पर जस्टिस जे. विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘आप हवाई यात्रा मत करिए। आगे बढ़िए।’ अदालत ने याचिका खारिज कर दी। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने नए विमानन नियम जारी किए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

कोर्ट में क्या हुई बहस?

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि देश में हवाई टिकटों के किराए में 700 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने दलील दी कि आज के समय में हवाई यात्रा केवल लग्जरी नहीं, बल्कि कई लोगों के लिए जरूरी सेवा बन चुकी है।

वकील ने यह भी कहा कि किराए में इतनी अधिक वृद्धि संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत दिए गए समानता के अधिकार का उल्लंघन करती है। हालांकि, अदालत ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और जनहित याचिका खारिज कर दी।

हर साल 24 करोड़ हवाई यात्राएं

भारत में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नागर विमानन मंत्रालय और DGCA के 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में सालाना करीब 24 करोड़ यात्री यात्राएं दर्ज की गईं।

इनमें 16.55 करोड़ घरेलू और 7.39 करोड़ अंतरराष्ट्रीय यात्री यात्राएं शामिल थीं। ऐसे में हवाई किराए में होने वाला बदलाव बड़ी संख्या में यात्रियों के बजट को प्रभावित करता है।

2027 से बदलेंगे नियम

हवाई किराए को लेकर इसी बीच केंद्र सरकार ने भारतीय वायुयान नियम, 2026 का गजट जारी किया है। नए नियमों के तहत विमानन कंपनियां टिकटों का किराया खुद तय कर सकेंगी।

इसके लिए उन्हें सरकार से पहले अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, किसी असाधारण या अपरिहार्य परिस्थिति में सरकार एयरलाइंस को किराए के संबंध में जरूरी निर्देश दे सकेगी।

ये नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इसके बाद विमानन कंपनियों को टिकटों की कीमत तय करने में पहले के मुकाबले ज्यादा स्वतंत्रता मिलेगी।

त्योहारों में क्यों महंगे टिकट?

त्योहारों और छुट्टियों के दौरान कई हवाई मार्गों पर टिकटों की कीमतें बढ़ जाती हैं। इसकी प्रमुख वजहों में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग, सीमित सीटें और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी शामिल हैं।

नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू भी कह चुके हैं कि ATF महंगा होने से एयरलाइंस के लिए टिकटों का किराया नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

एयर इंडिया-इंडिगो का फ्यूल चार्ज

जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद एअर इंडिया और इंडिगो ने भी टिकटों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाने का फैसला किया था।

एअर इंडिया ने 9 अक्टूबर से घरेलू उड़ानों पर 1,200 रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 17,800 रुपये तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाने की घोषणा की थी। ये शुल्क एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी लागू किए गए।

इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। खासकर त्योहारों के दौरान घर जाने या छुट्टियां मनाने की योजना बनाने वाले लोगों को हवाई सफर के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।

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