Supreme Court of India: पेंशनर्स को बड़ी राहत,सुप्रीम कोर्ट ने बराबर DA-DR देने का दिया आदेश

Supreme Court of India ने फैसला दिया है कि राज्य सरकारें कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के DA-DR में भेदभाव नहीं कर सकतीं। अदालत ने कहा कि महंगाई का असर दोनों पर समान है और पेंशनभोगियों को भी बराबर राहत मिलनी चाहिए।

DA DR Equal Rule: देशभर के लाखों पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। Supreme Court of India ने अपने एक अहम फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकारें महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाते समय नौकरी कर रहे कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच भेदभाव नहीं कर सकतीं। अदालत ने कहा कि महंगाई का असर दोनों पर समान रूप से पड़ता है, इसलिए उन्हें मिलने वाली राहत भी बराबर होनी चाहिए।

समानता कानून के शासन का अहम हिस्सा

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि समानता का अधिकार एक गतिशील अवधारणा है और इसे सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि समानता “कानून के शासन” का मूल आधार है, जबकि भेदभावपूर्ण नीतियां किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं हैं।कोर्ट ने यह भी कहा कि संविधान का Article 14 of the Constitution of India मनमाने वर्गीकरण की अनुमति नहीं देता और बिना ठोस तर्क के अलग-अलग श्रेणियां बनाना असंवैधानिक है।

DA और DR में अंतर करना अनुचित

पीठ ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को न केवल पेंशन का अधिकार है, बल्कि वे महंगाई राहत (DR) के भी समान रूप से हकदार हैं। चूंकि DA और DR दोनों का उद्देश्य बढ़ती महंगाई से राहत देना है, इसलिए इनके बीच दरों में अंतर करना उचित नहीं ठहराया जा सकता।सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला देशभर के लाखों पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और भविष्य में DA-DR से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।

 

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