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Telangana tunnel accident: 45 घंटे से ज्यादा का रेस्क्यू ऑपरेशन, कहां आई अड़चन?

Telangana

Telangana tunnel accident: तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले में निर्माणाधीन श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने से आठ मजदूर अब भी अंदर फंसे हुए हैं। शनिवार को हुए इस हादसे के बाद से सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। लेकिन भारी मलबा, पानी और कीचड़ के कारण बचाव कार्य में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, सुरंग का आखिरी 200 मीटर का हिस्सा गाद से भरा हुआ है, जिससे अंदर जाने के रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। इस कठिन ऑपरेशन पर Telangana के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की विशेष नजर है। वहीं, प्रदेश के मंत्री जे. कृष्णा राव ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने की संभावना “बहुत अच्छी नहीं” है।

सुरंग ढहने से फंसे 8 मजदूर, बचाव में आ रही दिक्कतें

शनिवार सुबह जब सुरंग का हिस्सा ढहा, तब करीब 70 मजदूर वहां काम कर रहे थे। इनमें से अधिकतर समय रहते बाहर निकल आए, लेकिन आठ मजदूर अंदर ही फंस गए। ये मजदूर उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और झारखंड के रहने वाले हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मशीनों के लिए संकरी सुरंग में प्रवेश करना कठिन हो गया है। बचाव दल रबर ट्यूब और लकड़ी के तख्तों के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।

बचाव कार्य में कौन-कौन जुटा है?

इस ऑपरेशन में एनडीआरएफ की चार टीमें, सेना के 24 जवान, Telangana एसडीआरएफ के कर्मी और एससीसीएल के 23 विशेषज्ञ बचाव उपकरणों के साथ जुटे हुए हैं। अब तक की जानकारी के मुताबिक, 13वें किलोमीटर तक पहुंचने में बचाव दल सफल रहा, लेकिन वहां किसी मजदूर की प्रतिक्रिया नहीं मिली।

मशीन टूटी, बढ़ी चुनौती

एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि सुरंग खोदने वाली टनल बोरिंग मशीन (TBM) भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके हिस्से सुरंग में बिखरे पड़े हैं, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया है। यह स्थिति बचाव कार्य में और बड़ी चुनौती बन रही है। इस बीच, राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से मजदूरों की सलामती के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।

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