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Tenant vs Landlord: किराएदार और मकान मालिक में अक्सर क्यों होता है विवाद, घर खाली करते समय जानें अपने अधिकार

घर खाली करते समय मरम्मत खर्च को लेकर विवाद आम है। कानून के अनुसार, सामान्य खराबी का खर्च मकान मालिक उठाता है, जबकि बड़ी गलती पर किराएदार जिम्मेदार होता है। बिना सबूत पैसे काटना गलत है।

Kirtika Tyagi by Kirtika Tyagi
March 25, 2026
in राष्ट्रीय
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Tenant vs Landlord Repair Rules: जब कोई किराएदार घर खाली करता है, तो अक्सर मरम्मत के खर्च और सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर झगड़ा हो जाता है। दीवारों की पेंटिंग, नल की मरम्मत या छोटी-मोटी खराबी को लेकर यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि पैसा कौन देगा। कई बार मकान मालिक सिक्योरिटी से ज्यादा पैसे काट लेते हैं, जिससे विवाद बढ़ जाता है।

सामान्य खराबी का जिम्मेदार कौन

कानून के अनुसार, रोजमर्रा के इस्तेमाल से होने वाली छोटी-मोटी खराबी के लिए किराएदार जिम्मेदार नहीं होता। जैसे दीवार का हल्का रंग उड़ना, छोटे निशान या सामान्य घिसाव—इनका खर्च मकान मालिक को उठाना पड़ता है। इसे “वियर एंड टियर” कहा जाता है, जो समय के साथ स्वाभाविक रूप से होता है।

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कब जिम्मेदार होता है किराएदार

किराएदार तब जिम्मेदार माना जाता है, जब नुकसान उसकी लापरवाही या गलती से हुआ हो। जैसे दीवार तोड़ना, दरवाजे-खिड़कियां खराब करना, फिटिंग तोड़ना या घर की बनावट को नुकसान पहुंचाना। ऐसे मामलों में मकान मालिक मरम्मत का पूरा खर्च किराएदार से ले सकता है।

बिना सबूत पैसे काटना गलत

अगर मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट से पैसे काटना चाहता है, तो उसके पास ठोस सबूत होना जरूरी है। वह बिना कारण या बिना प्रमाण के पैसे नहीं काट सकता। एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि मरम्मत का दावा तभी किया जाना चाहिए, जब नुकसान किराएदार की वजह से हुआ हो।

समझौते में लिखित नियम जरूरी

किराए के एग्रीमेंट में सभी नियम साफ-साफ लिखे होने चाहिए। जैसे मरम्मत का खर्च कौन देगा, सिक्योरिटी डिपॉजिट कैसे वापस होगा और किस स्थिति में पैसा काटा जा सकता है। इससे बाद में किसी तरह का विवाद नहीं होता।

कोर्ट क्या कहता है

हाल के फैसलों में भी साफ किया गया है कि सामान्य टूट-फूट के लिए किराएदार जिम्मेदार नहीं होता। किराएदार को घर उसी हालत में लौटाना होता है, जैसा उसे मिला था, लेकिन इसमें रोजमर्रा की हल्की खराबी शामिल नहीं होती।

किराएदार के अधिकार

अगर मकान मालिक गलत तरीके से पैसे मांगता है, तो किराएदार अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकता है। वह कोर्ट में अपनी बात रख सकता है और कह सकता है कि नुकसान सामान्य इस्तेमाल से हुआ है। कोर्ट आमतौर पर मकान मालिक से सबूत मांगती है।

विवाद से कैसे बचें

घर लेते समय उसकी हालत की फोटो या वीडियो रखें। एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ें और सभी शर्तों को समझें। घर खाली करते समय भी उसकी स्थिति का रिकॉर्ड रखें। इससे किसी भी विवाद से बचा जा सकता है।

Tags: Rent Agreement RulesTenant Rights India
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Kirtika Tyagi

Kirtika Tyagi

Kirtika Tyagi is a journalist. she is working on sub-editor post and she is expert in International, National, Health, Crime, Lifestyle, Astro beat. 

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