Vande Bharat Sleeper Train: इंतजार हुआ खत्म, जल्द होगी शुरू, यूरोपीय तकनीक से तैयार हुआ खास मॉडल,कब होगा उद्घाटन

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन देश की पहली सेमी हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन होगी। यूरोपीय तकनीक से तैयार यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा और आरामदायक सफर का नया अनुभव देगी।

Vande Bharat Sleeper Train: देश की पहली सेमी हाई-स्पीड स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। रेलवे ने इसके उद्घाटन की घोषणा कर दी है। खास बात यह है कि अब यात्री इस आधुनिक ट्रेन में आराम से सोते हुए लंबी दूरी का सफर कर सकेंगे। अब तक वंदे भारत ट्रेन सिर्फ चेयर कार में चल रही थी, लेकिन अब स्लीपर वर्जन को भी पटरी पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, इस ट्रेन को तैयार करने से पहले भारतीय रेलवे ने कई यूरोपीय देशों में चल रही सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों का गहन अध्ययन कराया। इसका मकसद यही था कि दुनिया में इस्तेमाल हो रही बेहतरीन तकनीक को भारत की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में शामिल किया जा सके।

यूरोप की ट्रेनों से ली गई आधुनिक तकनीक

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें यूरोप के कई देशों में पहले से सफलतापूर्वक चल रही हैं। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे की टीम ने पोलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, स्वीडन, लंदन, फिनलैंड और नॉर्वे जैसे देशों की ट्रेनों की स्टडी कराई।

इन देशों में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आराम को जिस तरह प्राथमिकता दी जाती है, उसी सोच को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में अपनाया गया है। बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, कम शोर, आरामदायक बर्थ और आधुनिक डिजाइन इसी अध्ययन का नतीजा हैं।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की खासियतें

रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन कुल 16 कोच की होगी। इसमें थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी कोच शामिल होंगे। ट्रेन की कुल यात्री क्षमता करीब 823 यात्रियों की होगी। लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखते हुए बर्थ को ज्यादा आरामदायक बनाया गया है, ताकि यात्रियों को नींद में कोई परेशानी न हो।

ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाजे, आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था और कम कंपन वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से कवच 4.0 सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक सुविधा और आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम भी लगाए गए हैं।

भविष्य की रेल यात्रा की झलक

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भविष्य की लंबी दूरी की यात्रा का नया चेहरा माना जा रहा है। तेज रफ्तार, शानदार डिजाइन और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह ट्रेन यात्रियों को एक अलग ही अनुभव देगी। रेलवे का मानना है कि आने वाले समय में यह ट्रेन भारत की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगी।

एक कोच की लागत कितनी है?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के एक कोच की लागत करीब 8 से 8.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह लागत मेट्रो के एक कोच से कम है, जिसकी कीमत आमतौर पर 10 से 10.5 करोड़ रुपये तक होती है। कम लागत में बेहतर तकनीक इस ट्रेन की बड़ी खासियत मानी जा रही है।

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