Superstition Noida CM visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के सफल उद्घाटन के बाद विपक्षी दलों और पुरानी सरकारों पर तीखा हमला बोला है। रविवार को लखनऊ में आयोजित नर्सिंग ऑफिसर नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने नोएडा से जुड़े दशकों पुराने उस अंधविश्वास का जिक्र किया, जिसके डर से पूर्व मुख्यमंत्री वहां जाने से कतराते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के मन में यह डर बैठा था कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाएगा, उसकी कुर्सी चली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आस्था में अटूट विश्वास रखते हैं और सबका सम्मान करते हैं, लेकिन अंधविश्वास के लिए उनके जीवन में कोई स्थान नहीं है।
डर की राजनीति पर कटाक्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पुरानी घटनाओं को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने नोएडा जाने का निर्णय लिया, तो उन्हें कई लोगों ने रोकने की कोशिश की थी। उन्हें चेतावनी दी गई थी कि वहां जाने से उनकी सत्ता छिन सकती है। इस पर मुख्यमंत्री ने बेबाकी से जवाब दिया कि एक न एक दिन तो कुर्सी जानी ही है, तो फिर इस मोह में पड़कर जनता के हितों की अनदेखी क्यों की जाए? उन्होंने कहा, “क्या नोएडा उत्तर प्रदेश का हिस्सा नहीं है? मैं वहां जरूर जाऊंगा।” मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि उन्होंने न केवल उस मिथक को तोड़ा, बल्कि वहां जाकर जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान भी निकाला।
बिल्डर-बायर्स विवाद
नोएडा के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री को वहां की सबसे बड़ी समस्या ‘बिल्डर-बायर्स’ विवाद का पता चला। उन्होंने बताया कि लगभग पंद्रह-बीस साल पहले हजारों लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई घर खरीदने के लिए बिल्डर्स को दे दी थी, लेकिन उन्हें न तो मकान मिला और न ही पैसा वापस मिला। कई बहुमंजिला इमारतें खंडहर में तब्दील हो रही थीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब उन्होंने बायर्स से मुलाकात की, तो वे अपनी व्यथा सुनाते हुए रो पड़े थे। वहीं बिल्डर्स का कहना था कि पिछली सरकारों ने उनका आर्थिक शोषण किया है, जिससे उनकी काम करने की क्षमता खत्म हो गई है।
नई नीति से मिले नए अवसर
इस जटिल समस्या को सुलझाने के लिए योगी सरकार ने एक प्रभावी नीति बनाई। मुख्यमंत्री ने बिल्डर्स को सख्त निर्देश दिए कि चाहे स्थिति जो भी हो, मध्यम वर्गीय परिवारों को उनके मकान का कब्जा देना ही होगा। सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए ऐसी नीतियां बनाईं जिससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि सरकार के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप आज लगभग चार लाख लोगों को उनके सपनों का घर मिल चुका है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही इरादों के साथ काम किया जाए, तो किसी भी अंधविश्वास या बाधा को पार किया जा सकता है।
