Cyber Crime: सोशल मीडिया पर निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ द्वारका जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर पुलिस स्टेशन द्वारका की टीम ने तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर नोएडा सेक्टर-137 में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं।
सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
मामले की शुरुआत द्वारका सेक्टर-16 निवासी एक महिला की शिकायत से हुई। पुलिस के अनुसार, जून 2026 में महिला को सोशल मीडिया पर निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन और लिंक मिला था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे ‘फंड्स इन्वेस्ट’ नाम के टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। यहां शेयर बाजार में निवेश के टिप्स और ज्यादा मुनाफे का लालच दिया जाता था।
इसके बाद व्हाट्सऐप के जरिए महिला से संपर्क किया गया और अलग-अलग निवेश योजनाओं के नाम पर बैंक खातों में पैसे जमा करने को कहा गया। महिला ने 16 जुलाई को 3 लाख और 19 जुलाई को 2.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह कुल 5.50 लाख रुपये बताए गए खातों में भेजे गए।
बैंक खातों से नोएडा तक पहुंची पुलिस
FIR दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी सुरागों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस एक लाभार्थी बैंक खाते से जुड़े लोगों तक पहुंची और नोएडा सेक्टर-137 की एक आवासीय सोसायटी में छापा मारा।
पुलिस ने पीयूष बाला, भरत जी. पूजारी और सूरज कुमार को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान 40 मोबाइल फोन, 146 सिम कार्ड, 86 डेबिट कार्ड, तीन लैपटॉप, 28 चेकबुक, 18 पासबुक/वेलकम लेटर, तीन पासपोर्ट, 1,09,200 रुपये नकद और एक वाई-फाई राउटर बरामद हुआ।
बैंक खातों और सिम का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उनका संपर्क अन्य लोगों से इंस्टाग्राम के जरिए हुआ था। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी बैंक खातों से जुड़ी जानकारी, सिम कार्ड, पासबुक और डेबिट कार्ड उपलब्ध कराने तथा लेनदेन से संबंधित काम में शामिल थे।
पुलिस को जांच के दौरान दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक से जुड़ी छह NCRP शिकायतों की जानकारी भी मिली है। इनमें करीब चार लाख रुपये की ठगी का उल्लेख है। बरामद डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच जारी है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य संदिग्धों और बैंक खातों की पड़ताल कर रही है। डिजिटल चैट, मोबाइल नंबर और संदिग्ध लेनदेन के जरिए कथित साइबर ठगी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है और फरार सहयोगियों की तलाश की जा रही है।

