illegal construction:जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास इन दिनों जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच कुछ लोग ज्यादा मुआवजा पाने के लालच में गलत तरीके से कई मंजिला मकान बना रहे हैं। ये मकान जल्दी-जल्दी और खराब सामग्री से बनाए जा रहे हैं, जो अब लोगों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
नीमका गांव में गिरा दो मंजिला मकान
रविवार को नीमका गांव में ऐसा ही एक हादसा सामने आया। यहां एक खेत में दो मंजिला मकान बनाया जा रहा था। जैसे ही दूसरी मंजिल का लिंटर डाला गया और काम खत्म हुआ, अचानक पूरा मकान भरभराकर गिर गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वहां काम कर रहे मजदूर पहले ही वहां से निकल चुके थे। अगर वे अंदर होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था और कई लोगों की जान जा सकती थी।
घटिया सामग्री से हो रहा निर्माण
जानकारी के मुताबिक, यह मकान नीमका गांव के निवासी विषमपाल के खेत में बन रहा था। ठेकेदार ने इसमें बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया था। इसी वजह से लिंटर डालते ही मकान टिक नहीं पाया और तुरंत गिर गया। यह घटना साफ दिखाती है कि ऐसे निर्माण कितने खतरनाक हो सकते हैं।
मुआवजे के लालच में बढ़ रहा खेल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में सैकड़ों मकान इसी तरह अवैध तरीके से बनाए जा रहे हैं। लोग चाहते हैं कि जब जमीन का अधिग्रहण हो, तो उन्हें ज्यादा मुआवजा मिले। इसी वजह से वे जल्दी-जल्दी निर्माण कर रहे हैं, बिना किसी नियम और सुरक्षा का ध्यान रखे।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि अब तक छह से ज्यादा मकान गिर चुके हैं और कई लोगों की जान भी जा चुकी है। हर बार हादसे के बाद प्रशासन कार्रवाई की बात करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलता। अब फिर से इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
एयरपोर्ट का हाल और आगे की योजना
आपको बता दें कि 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। यह एयरपोर्ट करीब 5 हजार एकड़ में फैला हुआ है। उम्मीद की जा रही है कि जून से यहां घरेलू और कार्गो उड़ानें शुरू हो सकती हैं। ऐसे में आसपास के इलाकों में तेजी से विकास हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही अवैध निर्माण जैसी समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं।
