Greater Noida Fire: ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र स्थित इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण कंपनी ILGIM में सोमवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। फैक्ट्री से उठती ऊंची लपटों और धुएं के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फायरकर्मी लगातार कई घंटों तक आग पर काबू पाने में जुटे रहे। काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन इसी दौरान एक दर्दनाक हादसे ने पूरे अभियान को शोक में बदल दिया। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों को भी मौके पर बुलाया गया ताकि स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके।
दीवार गिरने से हुआ बड़ा हादसा
आग बुझाने के दौरान फैक्ट्री की एक साइड की दीवार और उसके साथ लगा लोहे का भारी बीम अचानक भरभराकर गिर पड़ा। उस समय कई फायरकर्मी बेहद करीब से आग बुझाने में लगे हुए थे, जिससे वे मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद टीम ने तुरंत बचाव अभियान चलाकर सभी घायल जवानों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल पांच फायरकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान फायरमैन रोहित यादव और हेड कॉन्स्टेबल चालक तीरथपाल सिंह ने दम तोड़ दिया। दोनों की मौत से दमकल विभाग और प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई। अधिकारियों ने उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को श्रद्धांजलि दी।
तीन घायल जवानों का इलाज जारी
हादसे में घायल राजपाल सिंह, मनीष कुमार और अमित कुमार का अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार तीनों की हालत पहले से बेहतर है और फिलहाल वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। प्रशासन लगातार उनके उपचार की निगरानी कर रहा है। घटना के बाद एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की अतिरिक्त टीमें मौके पर तैनात कर दी गईं ताकि किसी भी तरह की नई स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। फैक्ट्री परिसर को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है और अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
आग लगने की वजह की जांच शुरू
फैक्ट्री में आग कैसे लगी, इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस, दमकल विभाग और संबंधित तकनीकी एजेंसियों ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि आग किसी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से लगी थी या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बचाव अभियान के दौरान फैक्ट्री की दीवार और लोहे का ढांचा अचानक क्यों ढह गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक और चिप निर्माण जैसी फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, भवन की मजबूती और आपातकालीन प्रबंधन की नियमित जांच बेहद जरूरी है। वहीं, प्रशासन ने कहा है कि घटना की विस्तृत जांच के बाद भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अधिकारियों की नजर हर पहलू पर बनी हुई है।
