Village Roads: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में अब गांवों को जोड़ने वाली तीन महत्वपूर्ण सड़कों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना पर करीब 1.19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लंबे समय से इन मार्गों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण लोगों को रात के समय आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार अंधेरे की वजह से दुर्घटनाएं और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी सामने आती थीं। नई योजना लागू होने के बाद इन रास्तों पर सफर पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
तीन प्रमुख मार्ग होंगे रोशन
प्राधिकरण की योजना के तहत उन तीन प्रमुख सड़कों को प्राथमिकता दी गई है, जिनका इस्तेमाल रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र, नौकरीपेशा लोग और अन्य वाहन चालक करते हैं। इन मार्गों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने की वजह से शाम ढलते ही लोगों को परेशानी होती थी। अब आधुनिक एलईडी लाइटें लगने से पूरे मार्ग पर पर्याप्त रोशनी रहेगी, जिससे लोगों का सफर आसान होगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।
सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
एलईडी स्ट्रीट लाइट लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अच्छी रोशनी होने से महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को रात में आने-जाने में अधिक भरोसा मिलेगा। साथ ही सड़क पर वाहन चालकों की दृश्यता बेहतर होगी, जिससे हादसों की संभावना कम होगी। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था अपराधों पर नियंत्रण और यातायात को व्यवस्थित रखने में भी मददगार साबित होगी।
बिजली की होगी बचत
इस परियोजना में ऊर्जा दक्ष एलईडी तकनीक का उपयोग किया जाएगा। एलईडी लाइटें सामान्य स्ट्रीट लाइटों की तुलना में कम बिजली खर्च करती हैं और उनकी उम्र भी अधिक होती है। इसके कारण रखरखाव का खर्च कम आएगा और बिजली की बचत होगी। यह कदम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय आवागमन काफी आसान हो जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस योजना से वर्षों पुरानी रोशनी की समस्या दूर होगी और गांवों की कनेक्टिविटी पहले से अधिक बेहतर बन सकेगी।
