Noida News: मेंटिनेंस बकाया होने पर नहीं कटेगी बिजली, सोसायटियों पर बिजली विभाग का रुख सख्त

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हाउसिंग सोसायटियों में अब मेंटिनेंस शुल्क न देने पर बिजली नहीं काटी जा सकेगी। बिजली विभाग ने साफ किया है कि प्रीपेड मीटर का पैसा केवल बिजली खर्च के लिए इस्तेमाल होगा।

Noida prepaid electricity meter rule: Noida और Greater Noida की हाउसिंग सोसायटियों में लंबे समय से प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कई लोगों की शिकायत थी कि सोसायटी प्रबंधन मेंटिनेंस शुल्क वसूलने के लिए बिजली सप्लाई बंद कर देता है।
अब पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड यानी Paschimanchal Vidyut Vitran Nigam Limited ने इस मामले में सख्त आदेश जारी किया है। विभाग ने साफ कहा है कि कोई भी आरडब्ल्यूए या एओए प्रीपेड बिजली मीटर के बैलेंस से मेंटिनेंस चार्ज नहीं काट सकती।

बिजली का पैसा सिर्फ बिजली पर खर्च होगा

पीवीवीएनएल के अधिशासी अभियंता Mohit Goyal द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रीपेड मीटर में जमा रकम का इस्तेमाल सिर्फ बिजली से जुड़े खर्चों के लिए किया जा सकता है। इसमें फ्लैट की बिजली खपत, लिफ्ट, पानी के पंप और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। विभाग ने साफ किया है कि कॉमन एरिया मेंटिनेंस यानी CAM चार्ज या अन्य मेंटिनेंस फीस की कटौती प्रीपेड मीटर से करना पूरी तरह गलत है।

निगेटिव बैलेंस बनाकर बिजली काटना गलत

बिजली विभाग ने यह भी बताया कि कई सोसायटियों में मेंटिनेंस चार्ज वसूलने के लिए जानबूझकर मीटर को निगेटिव बैलेंस में डाल दिया जाता है। इसके बाद फ्लैट की बिजली सप्लाई बंद कर दी जाती है। विभाग के अनुसार यह तरीका उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के नियमों के खिलाफ है। आदेश में चेतावनी दी गई है कि अगर कोई सोसायटी ऐसा करती मिली तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

यह मामला सेक्टर-119 स्थित Eldeco Aamantran Society के निवासी Tanish Malhotra की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया था कि मेंटिनेंस शुल्क काटे जाने की वजह से उनके प्रीपेड मीटर का बैलेंस बार-बार खत्म हो रहा था और बिजली सप्लाई प्रभावित हो रही थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने जांच की और सोसायटी प्रबंधन को नोटिस जारी किया।
इससे पहले सेक्टर-120 की RG Residency में भी इसी तरह की शिकायत सामने आई थी।

अब नहीं काटी जा सकेगी बिजली

पीवीवीएनएल ने साफ कर दिया है कि अगर किसी निवासी पर मेंटिनेंस शुल्क बाकी है, तब भी उसकी बिजली नहीं काटी जा सकती।

विभाग के अनुसार बिजली सप्लाई सिर्फ उसी स्थिति में बंद की जा सकती है, जब उपभोक्ता बिजली बिल जमा न करे। मेंटिनेंस विवाद के लिए बिजली रोकना गैरकानूनी माना जाएगा।
अब इस आदेश के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हजारों सोसायटियों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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