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Noida Slum Area: नोएडा में सरकारी जमीन पर बसी जुग्गी झोपड़ी का हो रहा विस्तार,सालों से चल रहा अवैध निर्माण

Noida Slum Area: उत्तर प्रदेश के शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा में औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सरकारी जमीन पर बड़ी झुग्गी बस्ती के विस्तार का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सेक्टर-1 से सेक्टर-11 के आसपास लंबे समय से झुग्गियों का विस्तार होता रहा है। 2020 में पुनर्वास की कोशिश हुई, लेकिन अवैध निर्माण बढ़ने के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

50 हजार तक पक्की झुगड़ियों का दावा

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि करीब 100 भू-माफिया ने यहां चार-पांच मंजिला तक के पक्के निर्माण करा दिए हैं। इन निर्माणों को किराये पर दिए जाने से हर महीने करोड़ों रुपये की आय होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, इन आंकड़ों और कथित कमाई को लेकर स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

मास्टर प्लान के अनुसार इस क्षेत्र की जमीन पर औद्योगिक और व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जाने थे। ऐसे में लंबे समय से चल रहे अवैध निर्माण ने जमीन के नियोजित इस्तेमाल को प्रभावित किया है।

CAG की लैंड ऑडिट रिपोर्ट में भी जिक्र

 2017 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट प्रक्रिया में नोएडा के सेक्टर-4, 5, 8, 9 और 10 में बड़ी मात्रा में जमीन पर कब्जे का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में जमीन के बाजार मूल्य को लेकर भी आकलन किया गया था। हालांकि, वर्तमान कीमत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा मौजूदा बाजार दरों पर आधारित बताया गया है।

1999 से शुरू हुआ झुग्गियों का विस्तार

बताया गया है कि इस इलाके में झुग्गियों का निर्माण 1999 के आसपास शुरू हुआ था। 2009 तक इनकी संख्या करीब 11 हजार पहुंच गई थी। इसके बाद सरकार ने विस्थापन के लिए फ्लैट बनाने का निर्णय लिया। फ्लैट तैयार होने के बावजूद सभी पात्र परिवारों का पुनर्वास नहीं हो सका।

2020 में एक बार फिर पुनर्वास की कोशिश की गई और करीब 2,200 झुग्गीवासियों को फ्लैट दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद भी बाकी क्षेत्र में अवैध निर्माण पूरी तरह नहीं रुका।

जमीन का इस्तेमाल और पुनर्वास बना चुनौती

नोएडा में सरकारी या अधिग्रहीत जमीन पर अवैध निर्माण को लेकर प्राधिकरण पहले भी कार्रवाई करता रहा है। हालिया मामलों में भी प्राधिकरण ने अधिग्रहीत जमीन पर बने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की है।

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