Raj Kalpana Travels Bus Fire:यमुना एक्सप्रेसवे पर राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के मामले में दर्ज FIR से हादसे से पहले की घटनाओं की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ता सुनील कुमार के मुताबिक, यात्रियों ने बस के ड्राइवर कैबिन की तरफ से जलने जैसी बदबू आने की जानकारी चालक और परिचालक को दी थी।
FIR में आरोप लगाया गया है कि सूचना मिलने के बावजूद बस को तत्काल रोककर जांच नहीं की गई। हादसा 23 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर नोएडा से आगरा जाने वाले मार्ग में किलोमीटर 33 के पास हुआ।
बस में 30 से 35 यात्री
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वह रात करीब 9 बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट से बस नंबर BR32PA8647 में सवार हुए थे। उन्हें राठ जाना था। FIR के अनुसार, बस में उस समय करीब 30 से 35 यात्री मौजूद थे।
करीब ढाई घंटे बाद ड्राइवर कैबिन की तरफ से जलने जैसी गंध आने लगी। कुछ यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी। शिकायत में आरोप है कि चालक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कथित तौर पर कहा कि बस में ऐसी बदबू आती रहती है।
आग लगने से मची चीखपुकार
FIR में आरोप है कि इसके कुछ देर बाद ड्राइवर सीट के पास अचानक तेज आग की लपटें निकलने लगीं। यात्रियों ने चालक से बस रोकने को कहा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उस समय चालक और परिचालक कैबिन में बीड़ी या सिगरेट पी रहे थे।
शिकायत के मुताबिक, चालक और परिचालक कथित तौर पर यात्रियों को धमकाते हुए कह रहे थे कि बस नहीं रोकेंगे। इसके बाद आग तेजी से बस के दूसरे हिस्सों तक पहुंच गई और अंदर धुआं भर गया।
कई यात्री बस में फंसे
बस रुकने के बाद सुनील कुमार और दूसरे यात्रियों ने बाहर निकलने की कोशिश की। कुछ यात्री खिड़कियों और दरवाजे के रास्ते बाहर निकल गए, जबकि कई लोग आग और घने धुएं के कारण अंदर फंस गए।
हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से झुलसे। घायलों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया। इस हादसे में कुल 9 यात्रियों की मौत हुई है।
बस पर थे 19 चालान
हादसे के बाद बस के पुराने रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठे हैं। जानकारी के मुताबिक, बस पर 19 चालान दर्ज थे और इन पर कुल 1.75 लाख रुपये का जुर्माना बना था।
FIR में दर्ज आरोप अब हादसे से पहले चालक और परिचालक को दी गई चेतावनी, बस रोकने में कथित देरी और आग फैलने के दौरान यात्रियों के सामने आई परिस्थितियों की जांच का हिस्सा हैं। पुलिस की जांच में इन आरोपों और हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

