Yamuna Expressway Bus Fire:यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात करीब 11:30 बजे दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई। बस जेवर थाना क्षेत्र में जीरो प्वाइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे आग की चपेट में आई। बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार बताए गए हैं।
हादसे के बाद बस में सवार सुनील कुमार की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। सुनील ने पुलिस को बताया कि आग लगने से पहले बस के अंदर धुआं और जलने जैसी बदबू आने लगी थी। यात्रियों ने ड्राइवर को इसकी जानकारी देकर बस रोकने के लिए कहा था।
पहले आई जलने की बदबू
सुनील के मुताबिक, हादसे के समय कई यात्री सो रहे थे और कुछ सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बस के अंदर जलने जैसी बदबू महसूस हुई और धुआं भी दिखाई देने लगा। यात्रियों ने ड्राइवर को सतर्क किया और बस रोकने की मांग की।
सुनील का आरोप है कि यात्रियों के कहने के बावजूद बस चलती रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ड्राइवर उस समय पान, गुटखा और बीड़ी-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहा था। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
धुआं बढ़ा तो मची भगदड़
कुछ देर बाद बस के अंदर धुआं तेजी से भरने लगा और आग फैल गई। इसके बाद बस रोकी गई। आग देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सुनील का दावा है कि इसी दौरान ड्राइवर और कंडक्टर बस से निकलकर वहां से चले गए।
बस में आग बुझाने वाला सिलेंडर मौजूद था। यात्रियों ने उससे आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती गई। कई यात्रियों ने खुद बाहर निकलने की कोशिश की और कुछ बस से कूदकर जान बचाने में सफल रहे।
शीशा तोड़कर बचाव
सुनील ने बताया कि उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से बस की खिड़की का शीशा तोड़ने की कोशिश की। दूसरे यात्री भी अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे थे। लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण बस के अंदर पहुंचना मुश्किल हो गया।
इस दौरान अंदर फंसे यात्रियों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। कई लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन 9 यात्री बस से बाहर नहीं निकल सके। आग में झुलसने से उनकी मौत हो गई।
समय पर रुकती तो बचते
सुनील का कहना है कि अगर धुआं और बदबू महसूस होने के समय ही बस रोक दी जाती, तो यात्रियों को बाहर निकलने का ज्यादा समय मिल सकता था। रात में ज्यादातर यात्री सो रहे थे, इसलिए अचानक आग फैलने पर उन्हें संभलने का मौका भी कम मिला।
हादसे के बाद बाहर निकले एक यात्री ने बस में लगी आग का वीडियो भी बनाया। वीडियो में बस आग की लपटों से घिरी नजर आ रही है।
बस का मालिक कौन
हादसे में जली बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR32 PA8647 है। जानकारी के मुताबिक बस का मालिक मध्य प्रदेश के छतरपुर का रहने वाला है। ट्रैवल्स की बसें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलग-अलग रूट पर चलती हैं।
बस दिल्ली से महोबा जा रही थी और इसी दौरान यमुना एक्सप्रेसवे पर यह हादसा हुआ।
ड्राइवर-कंडक्टर हिरासत में
हादसे के बाद मौके से चले गए ड्राइवर और कंडक्टर को नोएडा पुलिस ने हिरासत में लिया है। ड्राइवर की पहचान पवन और कंडक्टर की पहचान योगेश के रूप में बताई गई है।
पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि यात्रियों की ओर से धुआं और बदबू की शिकायत किए जाने के बाद बस क्यों नहीं रोकी गई और आग लगने के बाद ड्राइवर-कंडक्टर ने क्या किया।
आग की वजह साफ नहीं
फिलहाल आग लगने की सटीक वजह सामने नहीं आई है। पुलिस सुनील कुमार के बयान, घटनास्थल और बस की स्थिति के आधार पर जांच कर रही है। ड्राइवर और कंडक्टर की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
हादसे में 9 लोगों की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल आग लगने की वजह और शुरुआती चेतावनी मिलने के बावजूद बस को समय पर नहीं रोकने से जुड़ा है।






