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Flood Alert: प्रयागराज में बाढ़ का कहर, जीवन अस्त व्यस्त शहर बना ताल, सड़क बनी जलमार्ग, घरों में 3 फीट पानी भरा

Prayagraj Flood 2026

Prayagraj Flood 2026:उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद निचले इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। कई रिहायशी क्षेत्रों में करीब तीन फीट तक पानी पहुंच गया है। घरों के अंदर पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों और गलियों में पानी जमा होने के कारण सामान्य आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

सड़क बनी जलमार्ग

बाढ़ का पानी इतना बढ़ गया है कि कई जगह कारें और बाइकें डूब गई हैं। जिन गलियों से आम दिनों में वाहन गुजरते थे, वहां अब नावों का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासन और राहत दल नावों के जरिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने में जुटे हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन और पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

नदियों पर नजर

प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नदियों में पानी बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है और राहत-बचाव टीमों को तैयार रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

ओडिशा में संकट

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में भी बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कुलसाही गांव स्थित सरकारी एससी-एसटी आवासीय स्कूल में 312 छात्र और 10 शिक्षक करीब दो दिन से फंसे बताए जा रहे हैं। ब्राह्मणी नदी का पानी बढ़ने के बाद स्कूल का ग्राउंड फ्लोर पानी में डूब गया है। स्कूल चारों तरफ से पानी से घिरा है और छात्रों को ऊपरी मंजिल पर रखा गया है।

रेस्क्यू का इंतजार

तेज बहाव के कारण स्कूल तक नाव पहुंचाना भी मुश्किल बताया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक छात्र फिलहाल सुरक्षित हैं और उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। इससे पहले सामने आई रिपोर्टों में इसी स्कूल में करीब 400 विद्यार्थियों के फंसे होने और छात्राओं को मोटरबोट से सुरक्षित स्थान पर भेजने की जानकारी दी गई थी। हालात पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

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