Baidyanath Dham Darshan Guidelines: पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में शिव भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से कांवरिया और श्रद्धालु बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए देवघर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था में कुछ अहम बदलाव किए हैं। इसका उद्देश्य भक्तों को कम से कम परेशानी के साथ सुरक्षित और सुगम दर्शन कराना है।
दर्शन की नई व्यवस्था
प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार, आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट भोर में खोले जाएंगे। भीड़ को नियंत्रित करने और जलार्पण की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए अर्घा प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, कम समय में दर्शन करने वाले भक्तों के लिए शीघ्र दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन कूपन की व्यवस्था की गई है। निर्धारित स्लॉट के अनुसार श्रद्धालु कतार में लगकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
कतार रहेगी जारी
मंदिर के कपाट खुलने के बाद दिनभर और रात तक श्रद्धालुओं की कतार जारी रहने की व्यवस्था है। हालांकि, विशेष पूजा और मंदिर परिसर में साफ-सफाई जैसे जरूरी कार्यों के लिए बीच-बीच में कुछ समय के लिए दर्शन प्रक्रिया रोकी जा सकती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और व्यवस्था को सुचारु रखने में सहयोग करें।
रूट लाइन तैयार
सावन में कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्हें शहर के बाहर से ही निर्धारित रूट लाइन में भेजने की व्यवस्था की गई है। क्यू कॉम्प्लेक्स में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छायादार शेड और मेडिकल कैंप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसका उद्देश्य गर्मी और लंबी कतार के दौरान भक्तों को राहत देना है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बुनियादी सुविधाओं की कमी न हो।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर से लेकर अर्घा तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की गई है। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
भक्तों के लिए सलाह
श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान आधार कार्ड या कोई अन्य वैध पहचान पत्र अपने साथ जरूर रखें। मंदिर में प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी, इसलिए भारी सामान और बड़े बैग साथ लाने से बचना बेहतर होगा। सावन के दौरान भीड़ काफी अधिक रहती है, ऐसे में भक्तों को कतार में धैर्य और अनुशासन बनाए रखना चाहिए। इससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रहेगी और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से बाबा के दर्शन का अवसर मिल सकेगा।
