संत प्रेमानंद महाराज से किसकी हुई मुलाकात, मिला भक्ति से जुड़ा गहरा संदेश, वृंदावन में पूर्व डीजीपी को दिया आशीर्वाद

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के दौरान पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को आशीर्वाद मिला। संत ने उन्हें भक्ति, परिवार की सेवा और भगवान के नाम का स्मरण करने का महत्व समझाया।

Blessings to Former DGP Prashant Kumar in Vrindavan: उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार गुरुवार को अपने परिवार के साथ वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। इस दौरान संत ने उन्हें प्रभु के नाम का स्मरण करने का मंत्र दिया और जीवन को भगवान की भक्ति में लगाने का संदेश दिया।

भक्ति और परिवार सेवा का महत्व

संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान ने आपको सब कुछ दिया है, इसलिए अब समय है कि आप एकांत में बैठकर उनका ध्यान करें। उन्होंने बताया कि भगवान के नाम का स्मरण करने से हर तरह की समस्याओं का समाधान हो जाता है और सभी विपत्तियां दूर हो जाती हैं।

संत ने यह भी समझाया कि इस जन्म में मनुष्य का जीवन मिला है, इसलिए ऐसा कर्म करना चाहिए कि अगले जन्म में हमें पशु-पक्षी का रूप न मिले। जब परिवार के लोगों ने विवाह और बच्चों की बात की तो महाराजजी ने कहा – परिवार की सेवा करना भी भगवान की सेवा है। उन्होंने समझाया कि परिवार के सदस्य वास्तव में भगवान का ही रूप होते हैं और उनकी देखभाल करना ही ईश्वर की भक्ति का हिस्सा है।

पूर्व डीजीपी और परिवार को मिला आशीर्वाद

इस अवसर पर पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार के साथ उनकी पत्नी और आईएएस अधिकारी डिंपल वर्मा भी मौजूद थीं। उन्होंने भी संत प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। महाराजजी ने उन्हें राधा-राधा नाम जपते रहने का संदेश दिया और कहा कि सच्चे मन से भगवान का सुमिरन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

भक्ति से जुड़ा गहरा संदेश

संत प्रेमानंद महाराज ने यह भी बताया कि भगवान ने इस जन्म में हमें परिवार के साथ रहने का अवसर दिया है, इसलिए इसे अच्छे कर्म और भक्ति से सार्थक करना चाहिए। उनका कहना था कि भक्ति से न केवल वर्तमान जीवन सफल होता है, बल्कि अगले जन्म का मार्ग भी सुगम हो जाता है।

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