Religion News –यह मंदिर पाली जिले के नेशनल हाईवे-62 पर चोटिला गांव के पास स्थित है। इसकी शुरुआत 1988 में हुई, जब ओम सिंह राठौड़, जिन्हें ओम बन्ना के नाम से जाना जाता है, का इस स्थान पर सड़क हादसे में निधन हो गया। उस समय वह अपनी रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल पर यात्रा कर रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने उनकी मोटरसाइकिल को थाने ले जाकर बंद कर दिया।
लेकिन इसके बाद एक चमत्कारी घटना घटी। बाइक बार-बार थाने से खुद ही निकलकर उसी स्थान पर पहुंच जाती थी, जहां दुर्घटना हुई थी। इस रहस्यमयी घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। ग्रामीणों ने इसे दैवीय संकेत मानकर उस स्थान पर ओम बन्ना और उनकी मोटरसाइकिल का मंदिर बना दिया।
लोगों की आस्था और पूजा की परंपरा
स्थानीय लोगों का मानना है की बुलेट बाबा के मंदिर में मन्नत मांगने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। खासतौर पर यात्री और बाइक सवार अपनी सुरक्षित यात्रा के लिए यहां रुककर प्रार्थना करते हैं। इस मंदिर में फूलों की माला, नारियल और यहां तक कि शराब चढ़ाने की भी परंपरा है। श्रद्धालु अपनी आस्था व्यक्त करते हुए मंदिर में दुआ मांगते हैं।
पर्यटक स्थल के रूप में प्रसिद्धि
यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि एक प्रमुख पर्यटक स्थल बन गया है। हर साल हजारों लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं।मंदिर की कहानी और इसकी परंपराएं न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध हो चुकी हैं। यह स्थल आस्था और रहस्य का अनूठा संगम है, जो इसे और खास बनाता है।
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क्यों है ये मंदिर अद्वितीय?
बुलेट बाबा मंदिर अपनी कहानी, परंपराओं और आस्था के कारण एक अनोखी पहचान रखता है। यहां आने वाले लोग इसे चमत्कार और आस्था का प्रतीक मानते हैं। यह मंदिर साबित करता है की विश्वास और श्रद्धा किसी भी वस्तु को पूजनीय बना सकती है।
डिस्क्लेमर:
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।