Dhanteras 2026 Shopping Muhurat: संगम नगरी प्रयागराज सहित देशभर में पांच दिवसीय पंचदीप महापर्व की शुरुआत शुक्रवार, 6 नवंबर से होने जा रही है। यह दीपोत्सव 10 नवंबर तक चलेगा। पर्व के पहले दिन धनतेरस मनाई जाएगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि के जन्मोत्सव के साथ माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार धनतेरस पर द्विग्रही योग, हस्त नक्षत्र और प्रदोष का शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में खरीदारी और पूजा-पाठ के लिए कई शुभ मुहूर्त रहेंगे।
शुभ योग में धनतेरस
धनतेरस पर सोने-चांदी, बर्तन और दूसरी नई वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस बार ग्रहों और नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस शुभ संयोग में खरीदारी करने से माता लक्ष्मी और कुबेर की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही भगवान धन्वंतरि की पूजा से आरोग्यता की कामना की जाती है।
कब लगेगी त्रयोदशी तिथि
श्रीधर्मज्ञानोपदेश संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि 5 नवंबर को सुबह 11:58 बजे शुरू हुई। यह 6 नवंबर को सुबह 11:07 बजे तक रहेगी। इसके बाद सुबह 11:08 बजे से त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी।
इस दौरान कन्या राशि में चंद्रमा और शुक्र के संचरण से द्विग्रही योग बनेगा। हस्त नक्षत्र और प्रदोष का संयोग भी इस दिन को विशेष बना रहा है। प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी के कारण 6 नवंबर को धनतेरस मनाई जाएगी।
खरीदारी के तीन शुभ मुहूर्त
आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के मुताबिक धनतेरस पर गणेश, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के लिए स्थिर और द्विस्वभाव लग्न को विशेष महत्व दिया गया है। इस दिन खरीदारी और पूजन के लिए ये मुहूर्त शुभ रहेंगे।
* दोपहर 1:30 से 3:01 बजे तक कुंभ लग्न।
* दोपहर 3:02 से शाम 4:30 बजे तक मीन लग्न।
* शाम 6:10 से रात 8:06 बजे तक वृष लग्न।
इन मुहूर्तों में खरीदारी और पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है।
क्या खरीदें, क्या नहीं
पराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। इसी वजह से धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
इस दिन सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, पीतल की मूर्तियां और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। वहीं, इस दिन लोहे की वस्तुएं, तेल, हल्दी और चने की दाल खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है।
12 राशियों के लिए शुभ खरीदारी
ज्योतिषाचार्य के अनुसार धनतेरस पर राशि के हिसाब से वस्तुओं की खरीदारी भी शुभ मानी गई है। जानिए किस राशि के जातकों के लिए क्या खरीदना बेहतर रहेगा।
* मेष: तांबे के बर्तन, कलश, मूर्तियां, जमीन और मकान।
* वृषभ: चांदी के आभूषण और चांदी से बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां।
* मिथुन: चांदी का सिक्का और कांसे के बर्तन।
* कर्क: चांदी के आभूषण, बर्तन, देव मूर्तियां और मोती की वस्तुएं।
* सिंह: सोने की मूर्ति, आभूषण, तांबे के बर्तन और वाहन।
* कन्या: स्टील के बर्तन, कपड़े और सोने-चांदी के आभूषण।
* तुला: चांदी के बर्तन और सिक्के।
* वृश्चिक: तांबे के बर्तन, मूर्तियां और सोने के सिक्के।
* धनु: सोने की मूर्ति, आभूषण, कपड़े और पुखराज।
* मकर: चांदी के सिक्के, झाड़ू, स्टील के बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान।
* कुंभ: चांदी के सिक्के और झाड़ू।
* मीन: सोने की मूर्ति, सिक्के और आभूषण।
पांच दिन तक चलेगा दीपोत्सव
धनतेरस के साथ शुरू होने वाले पंचदीप महापर्व में अगले पांच दिनों तक अलग-अलग त्योहार मनाए जाएंगे। धनतेरस के बाद हनुमान जन्मोत्सव, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान घर के मुख्य द्वार और नदियों के किनारे शाम को दीपदान करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपदान को पुण्यकारी माना जाता है।

