Ganeshotsav Day 2 Puja :गणेशोत्सव के दूसरे दिन भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु बप्पा को चंदन, फूल और दूर्वा अर्पित कर सकते हैं। गणेशजी को प्रिय भोग लगाकर पूरे विधि-विधान से आरती करने की परंपरा है। देश के कई प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में इस दिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
जयपुर का मोती डूंगरी गणेश मंदिर, इंदौर का खजराना गणेश मंदिर और मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर भगवान गणेश के प्रमुख मंदिरों में शामिल हैं। गणेशोत्सव के दौरान इन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ गणेशजी की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और शुभ कार्यों में सफलता मिलती है।
पूजा में चंदन और फूल चढ़ाएं
गणेशोत्सव के दूसरे दिन सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान गणेश की पूजा शुरू कर सकते हैं। सबसे पहले गणेशजी को जल अर्पित करें। इसके बाद चंदन, फूल और दूर्वा चढ़ाएं। भगवान को मोदक, लड्डू या अपनी श्रद्धा के अनुसार सात्विक भोग लगाया जा सकता है।
पूजा के दौरान गणेश मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धालु गणेशजी के सामने दीपक और धूप जलाकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।
इन प्रसिद्ध मंदिरों में करें दर्शन
जयपुर का मोती डूंगरी गणेश मंदिर राजस्थान के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में से एक है। यहां गणेशोत्सव के दौरान विशेष सजावट और पूजा होती है। इंदौर का खजराना गणेश मंदिर भी भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां गणेशजी के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर भी गणेश भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। गणेशोत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। अगर इन मंदिरों में जाना संभव न हो तो घर पर भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जा सकती है।
पूरी आरती करके लगाएं भोग
पूजा पूरी होने के बाद भगवान गणेश को भोग लगाएं और श्रद्धा से आरती करें। आरती के दौरान परिवार के सभी सदस्य शामिल हो सकते हैं। इसके बाद प्रसाद बांटकर पूजा संपन्न करें।

