Guru Purnima 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण समसप्तक योग का निर्माण हो रहा है। माना जाता है कि यह योग तब बनता है, जब दो ग्रह एक-दूसरे के ठीक सामने स्थित होते हैं। इस बार सूर्य और देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में रहेंगे, जबकि चंद्रमा मकर राशि में विराजमान होंगे।
ज्योतिष शास्त्र में इस योग को शुभ माना जाता है और कहा जाता है कि इसका प्रभाव कुछ राशियों के लिए सकारात्मक अवसर लेकर आ सकता है। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताएं आस्था पर आधारित होती हैं और इन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।
करियर और आर्थिक मामलों में मिल सकते हैं अवसर
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस योग के प्रभाव से कुछ लोगों को करियर में नई जिम्मेदारियां, पदोन्नति या नए अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए कार्यों में गति आने और आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना भी व्यक्त की जाती है। परिवार में शुभ कार्यों की योजना बन सकती है और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने के संकेत भी माने जाते हैं।
इन 4 राशियों पर रह सकती है विशेष कृपा
कन्या राशि: आय के नए स्रोत बनने, निवेश से लाभ और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है।
कर्क राशि: नौकरी और व्यवसाय में प्रगति, पारिवारिक सहयोग तथा आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
मकर राशि: रुके हुए कार्य पूरे होने, व्यापार में विस्तार और जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आने के योग बताए गए हैं।
वृषभ राशि: धन लाभ, वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग और सामाजिक सम्मान में वृद्धि के संकेत माने जा रहे हैं।
आस्था के साथ करें गुरु का सम्मान
गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुजनों का सम्मान, दान-पुण्य, पूजा और आध्यात्मिक साधना का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सकारात्मक सोच, सेवा और सत्कर्म जीवन में शुभ फल प्रदान करते हैं।
