Shami Plant: कौन सा पौधा धार्मिक और औषधीय दोनों रूप से है बेहद ख़ास जानिए कैसे करें असली और नकली की पहचान

आप शमी का पौधा घर में लगा कर इससे आप धार्मिक लाभ के साथ-साथ स्वास्थ्य से जुड़ी खूबियों का भी फायदा उठा पाएंगे। नकली पौधे से सावधान रहें जानिए असली को कैसे पहचाने।

How to identify real Shami plant

Identification of Shami Plant: हिंदू धर्म में कई पौधों को पूजनीय माना गया है, जिनमें से एक है शमी का पौधा। इसे भगवान शिव को अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शमी का पत्ता चढ़ाने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। शमी का इस्तेमाल पूजा के साथ-साथ आयुर्वेदिक औषधियों में भी होता है। इसकी पत्तियों से लेकर तने की छाल तक कई तरह की बीमारियों में काम आती है। लेकिन इसका फायदा तभी मिलता है जब असली शमी का पौधा असली हो, नकली नहीं।

नकली पौधे से रहें सावधान

नर्सरी के माली  बताते हैं कि अक्सर लोग वीरतारू के पौधे को गलती से शमी समझकर घर में लगा लेते हैं। ये देखने में भले ही थोड़ा मिलता-जुलता हो, लेकिन दोनों में कई फर्क होते हैं। आइए जानें वो खास बातें जिनसे आप असली और नकली शमी में अंतर कर सकते हैं।

पत्तियों की बनावट से करें पहचान

असली शमी की पत्तियां बेहद छोटी होती हैं। एक डाली पर कई छोटी-छोटी पत्तियां लगती हैं, जो कम घनी होती हैं और थोड़ी गोल व मुड़ी हुई दिखती हैं। वहीं वीरतारू की पत्तियां एक डंडी पर दोनों ओर लगी होती हैं और उनका आकार बड़ा होता है। इसलिए वीरतारू का पौधा घना और बड़ा दिखाई देता है।

कांटों की बनावट देखिए

दोनों पौधों में कांटे होते हैं, लेकिन फर्क इनके आकार में है। शमी के कांटे छोटे होते हैं और दो पत्तियों के बीच पाए जाते हैं, जिन्हें आसानी से तोड़ा जा सकता है। जबकि वीरतारू के कांटे मोटे और लंबे होते हैं, और इन्हें तोड़ना भी मुश्किल होता है।

फूलों के रंग से भी पहचानें

असली शमी में पीले रंग के छोटे-छोटे फूल आते हैं। जबकि नकली पौधे यानी वीरतारू में गुलाबी या बैंगनी रंग के फूल होते हैं, जो धीरे-धीरे सफेद हो जाते हैं।

शमी के फूलों की पंखुड़ियां पतली और चपटी होती हैं, जिससे पहचान आसान हो जाती है।

तना और शाखाओं का ध्यान रखें

शमी का तना हल्का हरा-भूरा और थोड़ा खुरदुरा होता है। इसकी शाखाएं ज्यादा नहीं होतीं और उन्हीं पर पत्तियां उगती हैं। वीरतारू का तना कुछ मोटा और चिकना हो सकता है।

पत्तियों की खुशबू से करें अंतिम जांच

अगर पहचान में संदेह हो, तो शमी की पत्तियों को हल्का मसलकर देखें। असली शमी में से हल्की-सी भीनी खुशबू आती है, जबकि वीरतारू की पत्तियों में कोई खास महक नहीं होती।

अगर आप असली शमी का पौधा घर में लगाना चाहते हैं तो ऊपर बताए गए सभी संकेत ध्यान से देखें। इससे आप धार्मिक लाभ के साथ-साथ स्वास्थ्य से जुड़ी खूबियों का भी फायदा उठा पाएंगे। नकली पौधे से सावधान रहें और सही जानकारी के साथ फैसला करें।

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