Kartik Purnima and Amavasya 2026: हिंदू धर्म में कार्तिक महीने को बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने में स्नान, दान, दीपदान और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। नवंबर 2026 में भी दो महत्वपूर्ण तिथियां पड़ने जा रही हैं। इनमें कार्तिक अमावस्या और कार्तिक पूर्णिमा शामिल हैं। कार्तिक अमावस्या पर दीपावली और मां लक्ष्मी की पूजा की जाएगी, जबकि कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली का उत्सव मनाया जाएगा।
खास बात यह है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की जयंती भी मनाई जाएगी। ऐसे में नवंबर का महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है। आइए जानते हैं इन दोनों तिथियों का महत्व और इन दिनों कौन-कौन से धार्मिक कार्य किए जाते हैं।
नवंबर में कब हैं तिथियां
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने की अमावस्या और पूर्णिमा दोनों का अपना अलग धार्मिक महत्व है। अमावस्या पर दीपावली मनाई जाती है, जबकि पूर्णिमा पर देव दीपावली का पर्व होता है।
पर्व
तारीख
महत्व
कार्तिक अमावस्या
8-9 नवंबर 2026
दीपावली और लक्ष्मी पूजा
कार्तिक पूर्णिमा
24 नवंबर 2026
देव दीपावली, स्नान और दान
ध्यान देने वाली बात है कि हिंदू पंचांग में तिथि की शुरुआत और समाप्ति अंग्रेजी कैलेंडर की अलग-अलग तारीखों पर हो सकती है। इसलिए पूजा और व्रत के लिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार शुभ समय जरूर देखना चाहिए।
अमावस्या पर लक्ष्मी पूजा
कार्तिक महीने की अमावस्या को दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दीपावली की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और स्वच्छ तथा प्रकाश से सजे घरों में निवास करती हैं।
इसी वजह से लोग कई दिन पहले से ही घरों की साफ-सफाई और सजावट शुरू कर देते हैं। अमावस्या की शाम घरों, मंदिरों और प्रतिष्ठानों में दीपक जलाए जाते हैं। दीपों को अंधकार पर प्रकाश और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की जीत का प्रतीक माना जाता है।
व्यापारी वर्ग के लिए भी यह दिन खास होता है। कई जगहों पर नए बही-खातों की पूजा यानी चोपड़ा पूजन किया जाता है। लोग मां लक्ष्मी से सुख-समृद्धि और कारोबार में उन्नति की कामना करते हैं। इस दिन कुछ परिवार अपनी परंपराओं के अनुसार पितरों का स्मरण और उनके निमित्त दान-पुण्य भी करते हैं।
अमावस्या पर क्या करें
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
शाम को घर और मंदिर में दीपक जलाएं।
जरूरतमंद लोगों को अन्न और वस्त्र दान करें।
अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पितरों का स्मरण करें।
पूर्णिमा पर देव दीपावली
कार्तिक पूर्णिमा 24 नवंबर 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। इसे देव दीपावली, त्रिपुरारी पूर्णिमा और त्रिपुरोत्सव के नाम से भी जाना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक असुर का वध करके देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इस विजय की खुशी में देवताओं ने दीपोत्सव मनाया था। इसी कारण कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली मनाने की परंपरा शुरू हुई।
वाराणसी में इस पर्व का नजारा बेहद खास होता है। यहां गंगा के घाटों को हजारों दीपों से सजाया जाता है। शाम होते ही दीपों की रोशनी और गंगा आरती का दृश्य श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। देश के दूसरे हिस्सों में भी मंदिरों और पवित्र स्थानों पर दीपदान किया जाता है।
गुरु नानक जयंती का संयोग
24 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा के साथ गुरु नानक देव जी की जयंती भी मनाई जाएगी। इसे गुरु नानक प्रकाश पर्व कहा जाता है। गुरु नानक देव जी सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु थे।
इस अवसर पर देशभर के गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन, अरदास और लंगर का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु गुरुद्वारों में पहुंचकर मत्था टेकते हैं और गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को याद करते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और भगवान विष्णु तथा शिव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।
इस तरह नवंबर 2026 में कार्तिक अमावस्या और पूर्णिमा दोनों ही धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेंगी। एक ओर दीपावली पर मां लक्ष्मी की आराधना होगी, तो दूसरी ओर देव दीपावली और गुरु नानक जयंती के अवसर पर देशभर में धार्मिक आयोजन देखने को मिलेंगे।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और हिंदू पंचांग पर आधारित है। तिथियों और पूजा के शुभ मुहूर्त में स्थान के अनुसार अंतर हो सकता है। सटीक जानकारी के लिए स्थानीय पंचांग देखें।















