New Year Spiritual Tourism Boom: नए साल के अवसर पर इस बार देशभर में स्पिरिचुअल टूरिज्म का जबरदस्त असर देखने को मिला। काशी, अयोध्या, प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इसी कड़ी में वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ने बीते सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। मंदिर में दर्शन करने वालों की संख्या ने प्रशासन को भी हैरान कर दिया।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 24 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच करीब 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। वहीं, अकेले 1 जनवरी को ही 5.66 लाख से ज्यादा भक्त मंदिर पहुंचे। नए साल पर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना अपने आप में एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन पहले से सतर्क था। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्पर्श दर्शन को तय अवधि के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और लोग लंबी कतारों में लगकर शांतिपूर्वक बाबा के दर्शन करते नजर आए।
नए साल पर उमड़ी भारी भीड़
नए साल के मौके पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सभी प्रवेश मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। अलग-अलग राज्यों से आए भक्त पूरी आस्था और विश्वास के साथ बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। 24 दिसंबर से ही आम दिनों की तुलना में मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में कहीं ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही थी।
1 जनवरी की रात से ही वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन, गोदौलिया चौराहा और गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड के बावजूद शिवभक्त गंगा में स्नान कर काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
प्रयागराज में माघ मेले की हुई शुरुआत
वहीं, प्रयागराज में 3 जनवरी से माघ मेले की शुरुआत हो चुकी है। पहले ही दिन 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। ठंड के बावजूद आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
कुल मिलाकर, नए साल पर धार्मिक पर्यटन ने यह साफ कर दिया है कि लोगों का झुकाव अब आध्यात्मिक यात्राओं की ओर तेजी से बढ़ रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़ इसकी सबसे बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है।
