Sawan Shivratri 2026: महादेव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय, दूर होंगी कई सभी बाधाएं

सावन शिवरात्रि पर बेलपत्र, मंत्र जाप, जलाभिषेक, गन्ने के रस से अभिषेक और दीपक जलाने जैसे उपाय धार्मिक मान्यताओं में विशेष बताए गए हैं। इन उपायों को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से धन, विवाह और सुख-समृद्धि से जुड़े शुभ फल मिलने की मान्यता है।

Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन निशीथ काल और चारों प्रहर में महादेव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। सावन शिवरात्रि की रात कुछ विशेष उपाय करने से धन, विवाह और सुख-समृद्धि से जुड़ी मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है।

धन-समृद्धि के लिए बेलपत्र का उपाय

सावन शिवरात्रि की रात निशीथ काल में एक बेलपत्र दाहिने हाथ से शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद ‘ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। पूजा के बाद इस बेलपत्र को धन रखने वाले स्थान पर रखने की मान्यता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, इससे घर में धन-समृद्धि के योग बन सकते हैं।

विवाह में आ रही अड़चन के लिए उपाय

अगर विवाह में लगातार बाधाएं आ रही हैं तो सावन शिवरात्रि की रात भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करके ‘ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः’ मंत्र का जाप करने की मान्यता है। कहा जाता है कि श्रद्धापूर्वक इस मंत्र का जाप करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर हो सकती हैं और अच्छे रिश्ते आने के योग बनते हैं।

शनि की पीड़ा कम करने के लिए जलाभिषेक

सावन शिवरात्रि पर चारों प्रहर शिवलिंग का अभिषेक करने की परंपरा बताई जाती है। रात में पानी में थोड़े काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से शनि से जुड़ी परेशानियों और नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है।

धन प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से अभिषेक

धन और समृद्धि की कामना रखने वाले भक्त सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव का गन्ने के रस से अभिषेक कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

वास्तु दोष के लिए दीपक जलाएं

सावन शिवरात्रि की शाम घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाने की मान्यता है। इसके अलावा घर के ईशान कोण में भी घी का दीपक जलाया जा सकता है। मान्यता के अनुसार, इससे घर की नकारात्मकता दूर होती है और वास्तु संबंधी दोषों से राहत मिल सकती है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। इसमें दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है, New1 India इस लेख में दी गई जानकारी या उसके परिणामों के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

Exit mobile version