Gemology: क्या दूसरों की अंगूठी पहनना पड़ सकता है भारी? जानिए क्या कहता है ज्योतिषीय नियम

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी दूसरे व्यक्ति की अंगूठी या रत्न पहनना शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि रत्न पहनने वाले की ऊर्जा से जुड़ जाता है। ऐसे में इसे बदलकर पहनने से मानसिक अशांति, करियर में रुकावट और नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं। इसलिए रत्न हमेशा कुंडली के अनुसार और विधि-विधान से ही धारण करना चाहिए।

Gemology: ज्योतिष शास्त्र में रत्नों को सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि ऊर्जा से जुड़े विशेष माध्यम के रूप में देखा जाता है। माना जाता है कि सही रत्न व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है, जबकि गलत तरीके से धारण किया गया रत्न विपरीत प्रभाव भी डाल सकता है। यही वजह है कि अक्सर सलाह दी जाती है कि किसी दूसरे व्यक्ति की अंगूठी या रत्न पहनने से बचना चाहिए।विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बिना सोचे-समझे किसी और का रत्न पहन लिया जाए, तो इससे मानसिक अस्थिरता, करियर में रुकावट या अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

करियर और मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है असर

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्न सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा ही नहीं बढ़ाते, बल्कि पहनने वाले व्यक्ति के ग्रहों से जुड़े प्रभावों को भी संतुलित करने का काम करते हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति किसी और का रत्न धारण करता है, तो वह अनजाने में उस व्यक्ति से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को भी अपने जीवन में आमंत्रित कर सकता है।इसी कारण कई बार अचानक करियर में रुकावट, मन में बेचैनी या स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां महसूस होने लगती हैं। हालांकि इन मान्यताओं को वैज्ञानिक दृष्टि से प्रमाणित नहीं माना जाता, लेकिन ज्योतिष में इनका विशेष महत्व बताया गया है।

रत्न धारण करते समय रखें इन जरूरी बातों का ध्यान

अगर आप रत्न धारण करना चाहते हैं, तो इसे केवल फैशन के रूप में न अपनाएं। रत्न पहनने से पहले अपनी कुंडली का विश्लेषण कराना जरूरी माना जाता है, ताकि सही ग्रह और सही रत्न का चयन किया जा सके। इसके अलावा नया रत्न धारण करने से पहले विधि-विधान से उसका पूजन और मंत्रों द्वारा जाग्रत करना भी आवश्यक बताया जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जाग्रत किया गया रत्न ही अपना प्रभाव दिखाता है।

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