CWG 2026: जूडो में भारत का जलवा, हर्ष-अस्मिता ने जीता गोल्ड, यामिनी का सिल्वर; 20 पदकों तक पहुंचा देश

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने जूडो में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। हर्ष सिंह, अस्मिता डे और यामिनी मौर्य की सफलता से भारत के कुल पदकों की संख्या 20 पहुंच गई।

CWG 2026 Glory , कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के नौवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को गर्व का मौका दिया। जूडो में हर्ष सिंह और अस्मिता डे ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया, जबकि यामिनी मौर्य ने रजत पदक अपने नाम किया। इन शानदार सफलताओं के साथ भारत की कुल पदक संख्या 20 तक पहुंच गई है। यह दिन भारतीय दल के लिए अब तक के सबसे सफल दिनों में शामिल रहा और खिलाड़ियों ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन से उम्मीदें और बढ़ा दी हैं।

जूडो में ऐतिहासिक प्रदर्शन

पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में हर्ष सिंह ने शानदार मुकाबला जीतकर गोल्ड अपने नाम किया। वहीं महिला 48 किलोग्राम वर्ग में अस्मिता डे ने गोल्डन स्कोर तक चले रोमांचक फाइनल में जीत हासिल की। दूसरी ओर महिला 57 किलोग्राम वर्ग में यामिनी मौर्य ने दमदार खेल दिखाया, लेकिन फाइनल में कड़े मुकाबले के बाद उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा। भारतीय जूडो के इतिहास में यह प्रदर्शन बेहद खास माना जा रहा है।

20 पदकों तक पहुंचा भारत

इन तीन पदकों के बाद भारत का कुल पदक आंकड़ा 20 हो गया है। भारतीय खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, जूडो और अन्य खेलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पदक तालिका में भी भारत की स्थिति मजबूत होती जा रही है। खिलाड़ियों की इस सफलता ने पूरे देश में उत्साह बढ़ा दिया है और आने वाले मुकाबलों के लिए उम्मीदें भी तेज हो गई हैं।

10वें दिन 13 पदकों पर नजर

अब कॉमनवेल्थ गेम्स के 10वें दिन भारत के सामने 13 पदकों का मौका होगा। बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, कुश्ती और अन्य स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। कई खिलाड़ी फाइनल मुकाबले खेलेंगे, जबकि कुछ सेमीफाइनल में अपनी चुनौती पेश करेंगे। यदि प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो भारत की पदक संख्या में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

बढ़ीं स्वर्ण पदकों की उम्मीदें

भारतीय दल का आत्मविश्वास लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। जूडो में ऐतिहासिक सफलता के बाद अब बाकी खेलों में भी खिलाड़ियों से स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है। खेल प्रेमियों की नजरें अगले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारत के पास कई और पदक जीतने का सुनहरा अवसर रहेगा। अगर खिलाड़ी अपनी लय बरकरार रखते हैं तो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारत के लिए यादगार साबित हो सकता है।

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