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WTC Final: ऑस्ट्रेलिया ने की फाइनल में एंट्री, टीम इंडिया को पार करनी होगी अग्निपरीक्षा

इंदौर टेस्ट में जीत के साथ ही कंगारू टीम ने 7-11 जून तक लंदन के ओवल में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मैच में प्रवेश कर लिया है। टीम ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंचने वाले पहली टीम बन गई है, दूसरी ओर भारत के फाइनल में पहुंचने के आसार हैं लेकिन उसके लिए भारत को हर हाल में ऑस्ट्रेलिया से चौथा टेस्ट मैच जीतना ही होगा।

क्या है WTC पाइंट्स टेबल का हाल –

टेबल में नंबर 1 पर ऑस्ट्रेलिया है, इंदौर टेस्ट के बाद आस्ट्रेलिया ने 2021-23 के WTC सत्र में 18 में से 11 मुकाबले जीते हैं और फाइनल में एंट्री कर ली है। दूसरे नंबर पर भारतीय टीम है जिसने 18 में से 10 मकाबले जीते हैं। इसके बाद तीसरे नंबर पर श्रीलंका और चौथे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका है।

ऑस्ट्रेलिया ने तो फाइनल में एंट्री कर ली और अब इंतजार है WTC 2023 फाइनल के दूसरे फाइनलिस्ट का।

भारतीय टीम को अगर फाइनल में प्रवेश करना है तो उसे किसी भी हाल में ऑस्ट्रेलिया से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का चौथा मैच जीतना ही होगा। अगर भारतीय टीम अहमदाबाद में होने वाला ये चौथा मैच हार जाती है या फिर मैच ड्रॉ हो जाता है तो फिर भारतीय टीम बड़ी मुसीबत में फंस सकती हैं क्योंकि फिर उसे तीसरे और चौथे नंबर की टीम यानी श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले मैच के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा।

WTC का बचा हुआ शेड्यूल –

WTC 2021-23 में अब सिर्फ 4 मैच ही बचे हैं

1. पहला मैच 08-12 मार्च को जोहानिसबर्ग में वेस्ट इंडीज और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा जो टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच होगा।

2. दूसरा मैच 09-13 मार्च तक अहमदाबाद में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होगी जो सीरीज का चौथा मैच होगा।

3.तीसरा मैच 09-13 मार्च तक क्राइलस्टचर्च में न्यूजीलैंड और श्रीलंका के पहला टेस्ट होगा

4. चौथा मैच इसी सीरीज का दूसरा मैच होगा जो 17-21 मार्च तक वेलिंग्टन में खेला जाएगा।

भारत के फाइनल में पहुंचने के सिर्फ दो रास्ते –

अगर भारतीय टीम को WTC 2023 के फाइनल में पहुंचना है तो टीम के पास सिर्फ दो रास्ते हैं,पहला तो ये कि ऑस्ट्रेलिया से अहमदाबाद वाला चौथा मैच जीत जाएं और अगर हारे तो फिर श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज में न्यूजीलैंड श्रीलंका को कम से कम एक मैच हरा दे। यानी पहला ऑप्शन तो भारत के हाथ में है और दूसरे ऑप्शन के लिए उसे दक्षिण अफ्रीका पर निर्भर रहना होगा।

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