JPSC-JSSC Protest: जंतर-मंतर आंदोलन से चर्चा में आए मोहम्मद जुनैद रांची पहुंचे, CBI जांच और ‘जीरो पेपर लीक’ की उठाई मांग

जंतर-मंतर आंदोलन से चर्चा में आए मोहम्मद जुनैद रांची पहुंचकर JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने पेपर लीक की CBI जांच, जीरो पेपर लीक व्यवस्था और छात्रों की एकजुटता पर जोर दिया।

JPSC-JSSC Protest: जंतर-मंतर आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे मोहम्मद जुनैद अब झारखंड की राजधानी रांची पहुंच गए हैं। वे JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में आंदोलन स्थल पहुंचे। पिछले कई दिनों से छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। जुनैद ने कहा कि छात्रों की यह लड़ाई केवल झारखंड की नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।

CBI जांच की मांग

आंदोलन को संबोधित करते हुए मोहम्मद जुनैद ने भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों की CBI जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र रोज कई घंटों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कारण योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है। उनका आरोप है कि पैसे और प्रभाव के दम पर कुछ लोग भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने देशभर में ‘जीरो पेपर लीक’ व्यवस्था लागू करने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं का भरोसा बहाल करना सरकारों की जिम्मेदारी है।

सोशल मीडिया पर दिया जवाब

रांची देर से पहुंचने और सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना को लेकर भी जुनैद ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर का आंदोलन समाप्त होने के बाद कई बैठकों और कानूनी प्रक्रियाओं में व्यस्त रहने के कारण उन्हें रांची आने में समय लगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संगठन का विरोध करना नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की लड़ाई में उनका साथ देना है।

‘छात्रों की मदद अपराध नहीं’

जुनैद ने छात्रों के लिए भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आए कई अभ्यर्थियों के पास रहने और खाने तक के पर्याप्त साधन नहीं होते। ऐसे में यदि कोई उनकी मदद करता है तो उसे अपराध नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद छात्रों को भोजन और सहायता देना मानवता का काम है और यदि इसे अपराध माना जाता है तो वे यह काम बार-बार करने के लिए तैयार हैं।

एकजुट रहने की अपील

अपने संबोधन के अंत में मोहम्मद जुनैद ने जंतर-मंतर आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसकी सबसे बड़ी ताकत अभ्यर्थियों की एकजुटता थी। उन्होंने रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से भी जाति, भाषा, क्षेत्र और अन्य मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट रहने की अपील की। उनका कहना था कि जब तक JPSC और JSSC अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल जाता, वे उनके आंदोलन के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे और हर संभव सहयोग करते रहेंगे।

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