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Jhajjar Well Tragedy: बछड़े को बचाने की कोशिश बनी जानलेवा, गांव में पसरा मातम, तीन की मौत, एक की हालत गंभीर

Jhajjar Well Accident

Jhajjar Well Tragedy: हरियाणा के झज्जर जिले के मुनीमपुर गांव में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। करीब 150 साल पुराने और लंबे समय से बंद पड़े एक कुएं में गिरे बछड़े को बचाने की कोशिश के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और तनाव का माहौल है। प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। गांव में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

एक-एक कर कुएं में उतरे लोग

जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच गांव की चौपाल और मंदिर के पास स्थित पुराने कुएं में एक बछड़ा अचानक गिर गया। उस समय पास में बैठे दलबीर, मोनू, नरेंद्र और बिहार के श्रमिक रामू उसे बचाने के लिए दौड़ पड़े। बताया जा रहा है कि चारों एक-एक कर कुएं में उतर गए, लेकिन कुछ ही देर बाद सभी अंदर फंस गए। इस हादसे में दलबीर, मोनू और रामू की मौत हो गई, जबकि नरेंद्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

मौत की वजह बनी गहराई या जहरीली गैस?

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चारों लोगों के साथ ऐसा क्या हुआ। शुरुआती तौर पर दो संभावनाएं सामने आ रही हैं। पहली, कुएं में अधिक पानी होने के कारण डूबने से हादसा हुआ हो सकता है। दूसरी, करीब 50 वर्षों से बंद पड़े कुएं में जहरीली गैस जमा हो गई हो, जिसकी वजह से अंदर उतरते ही लोगों की तबीयत बिगड़ गई। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच का इंतजार करने की बात कही है। वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया। रात होने के कारण ट्रैक्टरों की रोशनी से घटनास्थल को रोशन किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और राहत कार्य में जुट गई। कुएं की संरचना ऐसी थी कि बिना मुंडेर तोड़े अंदर पहुंचना संभव नहीं था। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से कुएं की मुंडेर तोड़ी गई। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद चारों लोगों को बाहर निकाला गया। तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि नरेंद्र को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया।

गांव में गम का माहौल

घटना की जानकारी मिलते ही बादली के विधायक कुलदीप वत्स, पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह, एसडीएम, डीसी और एडीसी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पुराने और बंद पड़े कुओं की सुरक्षा व्यवस्था तथा ऐसे स्थानों पर बचाव कार्य के दौरान आवश्यक सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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