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Encounter Case: भोजपुर में भरत तिवारी मामले को लेकर महापंचायत, निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग हुई तेज

Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर का मामला अब और ज्यादा चर्चा में आ गया है। एक तरफ पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रही है, वहीं दूसरी तरफ परिवार का आरोप है कि यह कोई एनकाउंटर नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। इसी मुद्दे को लेकर इलाके में लोगों का गुस्सा भी देखने को मिल रहा है।

बिलौटी गांव में हुई बड़ी महापंचायत

भरत तिवारी मामले को लेकर बिलौटी गांव में एक बड़ी महापंचायत आयोजित की गई। इस पंचायत में हजारों लोग शामिल हुए और मंच से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे एसपी

महापंचायत के बाद भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राज देर रात भरत तिवारी के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार की बातें सुनीं और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। एसपी ने कहा कि जांच में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

मां ने की सीबीआई जांच की मांग

भरत तिवारी की मां आशा देवी ने स्थानीय जांच पर भरोसा न जताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें तभी न्याय मिलने की उम्मीद है, जब किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पूरे मामले की जांच की जाए। उन्होंने इस मांग को एसपी के सामने भी रखा।

पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

मामले में नया मोड़ तब आया, जब आशा देवी की शिकायत के आधार पर शाहपुर थाने में एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके बाद मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

पूर्व डीजीपी ने उठाए सवाल

बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह सीधा हत्या का मामला माना जाएगा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कही।

आशीष तिवारी के दावे पर विवाद

महापंचायत के दौरान आशीष तिवारी नाम के एक व्यक्ति ने खुद को भरत तिवारी का चचेरा भाई बताया। उन्होंने मंच से बिहार पुलिस की नौकरी छोड़ने की घोषणा भी की। हालांकि भरत तिवारी के परिवार ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया। परिवार का कहना है कि उनका आशीष से कोई नजदीकी पारिवारिक संबंध नहीं है।

न्यायिक जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। परिवार, गांव के लोग और सामाजिक संगठन चाहते हैं कि सच्चाई जल्द सामने आए और यदि किसी स्तर पर गलती हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

लोगों की नजर अगले कदम पर

फिलहाल भोजपुर का यह मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही बता रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

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