Stampede Tragedy: लखीसराय मे सावन के तीसरे सोमवार को अशोक धाम मंदिर में भगदड़, सात महिलाओं की मौत

बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर भगदड़ मच गई। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत और 19 लोग घायल हुए। पांच की हालत गंभीर है।

Lakhisarai Ashok Dham Temple Stampede

 Lakhisarai Ashok Dham Temple Stampede:बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। इसी दौरान मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग के पास बिजली का पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। इसके बाद भीड़ में अचानक भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। इस दौरान कुचलने से सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई।

मृतकों की सूची

1. मनमाला देवी (44), पति निरंजन कुमार, बड़हिया वार्ड 12, लखीसराय

2. रिंकू देवी (50), पति नीरज यादव, बऊटोला फरदा, मुंगेर

3. हेमलता देवी (55), पति सुरेंद्र यादव, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय

4. ललिता देवी (50), पति गोरेलाल यादव, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय

5. सविता कुमारी (35), पति रणवीर यादव, प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय

6. सरोज देवी (65), पति जनार्दन सिंह, बकांवा भदौर, पटना

7. सावित्री देवी (49), पति मोहन यादव, चननिया, लखीसराय

19 श्रद्धालु घायल

लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने हादसे में सात लोगों की मौत और 19 श्रद्धालुओं के घायल होने की पुष्टि की है। पांच घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया है। बाकी घायलों का इलाज सदर अस्पताल और मंदिर परिसर में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में किया जा रहा है। हादसे के बाद मंदिर और अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों के रोने से माहौल गमगीन हो गया। मृतकों में एक महिला की अभी पहचान नहीं हो सकी है।

पोल गिरने की अफवाह

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंदिर के पास बैरिकेडिंग में लगा बांस का बल्ला टूटकर बिजली के पोल पर अटक गया। इसके बाद पोल गिर गया और कुछ ही देर में भीड़ में करंट फैलने की अफवाह फैल गई। अफवाह सुनते ही लोग घबराकर भागने लगे। इसी अफरातफरी में कई श्रद्धालु नीचे गिर गए और भीड़ उनके ऊपर से गुजरती चली गई। जानकारी के मुताबिक मंदिर से अशोक धाम रेलवे हॉल्ट तक करीब दो किलोमीटर की दूरी में बांस-बल्ले की बैरिकेडिंग की गई थी।

पहले भी हुआ हादसा

अशोक धाम मंदिर में इससे पहले 12 अगस्त 2019 को भी भगदड़ की घटना सामने आ चुकी है। उस हादसे के बाद मंदिर परिसर में लोहे के पाइप की बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन बाहर की व्यवस्था में बांस-बल्ले का इस्तेमाल किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि भीड़ के मुकाबले सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ गई। बताया गया कि करीब 400 जवानों की तैनाती की गई थी, लेकिन मंदिर के बाहर पर्याप्त सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आए। इसको लेकर अब व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

दो ट्रेनों से बढ़ी भीड़

बताया गया कि सुबह एक साथ दो ट्रेनें लखीसराय पहुंचीं। आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए और जलाभिषेक के लिए कतार में लग गए। तीसरी सोमवारी को भारी भीड़ की संभावना पहले से थी, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ने के बाद व्यवस्था दबाव में आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल सोमवारी पर यहां लाखों की भीड़ जुटती है, इसलिए प्रशासन को अतिरिक्त इंतजाम करने चाहिए थे।

जांच के आदेश

हादसे के बाद डीएम शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार मौके पर मौजूद हैं। डीएम के मुताबिक फिलहाल मंदिर परिसर में स्थिति सामान्य है और श्रद्धालु कतार में लगकर जलाभिषेक कर रहे हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता दी है और घटना की जांच कराने की बात कही है। वहीं स्थानीय लोगों ने व्यवस्था में कथित कमी को लेकर नाराजगी जताई है और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

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