Site icon News1India

कैसे 18 माह की माहिरा बनी जीवन दाता, अंगदान कर दूसरों की जिंदगी करेंगी रोशन

हरियाणा के मेवात में 18 माह की वह मासूम बच्ची जिसने अपने शरीर के योगदान से अन्य बच्चों की जान बचाने के लिए अपने अंग दान कर दिए। माहिरा के अंगदान के साथ ही बच्ची की आंखे भी दूसरों के जीवन को रौशन करेंगी। 6 नवंबर 2022 को अपने घर की बालकनी से गिरी 18 महीने की बच्ची माहिरा के सिर में गंभीर चोट आ गयी थी। चोट के कारण अचेत अवस्था में माहिरा को एम्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां 11 नवंबर की सुबह डाक्टरों ने उसका ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

एनसीआर में दूसरी सबसे छोटी बच्ची अंगदान करने वाली

माहिरा अपने अंगों को दान करने वाली दिल्ली/एनसीआर में दूसरी सबसे छोटी बच्ची है। माहिरा के परिवार में उसके भाई- बहन भी है, एक 7 वर्ष का उसका भाई और 6 साल की बहन। ILBS दिल्ली में माहिरा का दान किया हुआ लीवर 6 साल के बच्चे को ट्रांसप्लांट किया गया,17 साल के शख्स को दोनों किडनी एम्स में ट्रांसप्लांट की गईं। इसके अलावा माहिरा का कॉर्निया, दोनों आंखें और हार्ट वॉल्व बाद में उपयोग के लिए संरक्षित किया गया है।

अंगदान करने वाली तीसरी बच्ची बनी माहिरा

6 महीनों में माहिरा एम्स ट्रॉमा सेंटर में अंगदान करने वाली तीसरी बच्ची है। रोली पहली बच्ची थी और उसके बाद 18 महीने का रिशांत। जिसने अपने अंग दान किए थे। माहिरा के पिता को दूसरों के जीवन बचाने के लिए अंग दान के बारे में बताया गया और रोली का केस दिखाया गया। उन्हें ब्रेन डेथ के महत्व और अवधारणा समझाकर इस बात की पुरी जानकारी दी गई।

Exit mobile version