नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में पहुची अल्ट्रा मैराथन और इंद्रा मैराथन में हिस्सा लेने वाली कक्षा 4 में पढ़ने वाली 10 साल की मासूम काजल निषाद । प्रयागराज मांडा निवासी एथलीट काजल निषाद को सरकार द्वारा उचित संम्मान न मिलने पर लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के लिए 10 अप्रैल दिन रविवार को अपने घर मांडा प्रयागराज से नई मिशन पर निकली , तपते आसमान तले उनका जज्बा भी आसमान जैसा नजर आया इस बार लखनऊ तक दौड़ते हुए जाएंगी या सफर करीब 210 किलोमीटर का रहेगा सिर्फ सम्मान के लिए।
संगम नगरी प्रयागराज के छोटे गांव ललितपुर मांडा निवासी नीरज निषाद जो रेल कर्मी है उनकी सबसे छोटी बेटी एथलीट काजल इससे पहले अल्ट्रा मैराथन में प्रयागराज से दिल्ली तक दौड़ कर अपने जज्बे को लोहा मनवाया है तो वहीं रविवार को सुभाष चौराहा सिविल लाइन से काजल ने लखनऊ के लिए दौड़ शुरू की इसके पहले प्रयागराज से इंडिया गेट तक 720 किलोमीटर दूरी इस वर्ष कक्षा 4 की छात्रा काजल बीते साल अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन 42 किलोमीटर 4 घंटे 22 मिनट 25 सेकेंड में पूरी की थी और लोगों को दिल जीता था । और आज प्रतापगढ़ के कुंडा में पहुँच गयी है काजल को उचित सम्मान नही मिला इतना करने के बाद इसी लिए यूपी के मुख्यमंत्री से मिलना चाहती है काजल का कहना है कि योगी जी कहते है कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा देते है लेकिन उन्ही के अफसर बेटियों को उचित सम्मान नही देते है इसी वजह से हम योगी से मुलाकात करने के लिए दौड़ते हुए योगी जी से मिलने जा रहे है ।
काजल कुमारी तीन बहन और एक भाई है काजल के पिता नीरज निषाद मिर्जापुर में रेलवे में नौकरी करते है और इनकी मां शांति देवी एक हाउस वाइफ है काजल घर मे सबसे छोटी है इतने लोगो में से काजल का साथ देनेके लिए कोई भी साथ मे नही है काजल का साथ दिया तो उनके कोच रजनीकांत और उनके दोस्त तेज़ बहादुर निषाद जो इस बच्ची का हौसला अबजाई कर रहे है या गलत राह दिखा रहे है वही इनके कोच रजनीकांत का कहना है कि बच्ची को उचित सम्मान नही मिला इसलिए इनको मुख्यमंत्री से मिलाने के लिए ले जा रहे है इनके सम्मान के लिए कई बार प्रयागराज के खेल विभाग में शिकायत की लेकिन कुछ नही हुआ एक बार स्टेज पर खेल सचिव पीके श्रीवास्तव से मिकने गए तो पुलिस वालों ने रोक लिया बच्ची को उसका हक मिलना चाहिए ।
(मनू सिंह)






