Ahmedabad Plane crash:अहमदाबाद विमान हादसे की जांच को लेकर पिछले कुछ दिनों से मीडिया में अलग-अलग तरह की खबरें चल रही थीं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पायलट ने जानबूझकर इंजन का फ्यूल स्विच बंद कर दिया था, जिससे विमान हादसे का शिकार हुआ।
इन खबरों ने एविएशन सेक्टर से लेकर आम लोगों तक में हलचल मचा दी। लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठने लगे। इसी बीच मामले की आधिकारिक जांच कर रही संस्था ने सामने आकर स्थिति साफ की है।
जांच एजेंसी ने दिया बयान
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने एक विस्तृत बयान जारी कर कहा है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है। एजेंसी ने उन सभी खबरों को गलत बताया है, जिनमें कहा गया कि जांच खत्म हो गई या किसी एक को दोषी ठहरा दिया गया है।
ब्यूरो ने साफ किया कि हादसे की जांच अभी जारी है और किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। यह एक संवेदनशील मामला है, इसलिए हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन
AAIB ने बताया कि जांच पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत की जा रही है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के सख्त नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। एजेंसी का कहना है कि उनका उद्देश्य सच्चाई को निष्पक्ष तरीके से सामने लाना है। इसलिए बिना पूरी जांच के किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
शुरुआती रिपोर्ट पर भ्रम
जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक जो जानकारियां सामने आई हैं, वे केवल शुरुआती डेटा पर आधारित थीं। विमान हादसे के बाद ब्लैक बॉक्स से मिलने वाली पहली जानकारी को प्रारंभिक सूचना माना जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि वही अंतिम सच्चाई है। अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में तकनीकी जांच, मौसम की स्थिति और पायलट व सिस्टम के व्यवहार जैसे सभी पहलुओं का मिलान किया जाता है। इसमें समय लगना स्वाभाविक है।
पारदर्शिता पर दिया जोर
जांच एजेंसी ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि अपुष्ट खबरों और अटकलों को फैलाने से बचें। ऐसी खबरें जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं और पीड़ित परिवारों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचा सकती हैं। एजेंसी ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होते ही अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। विमान सुरक्षा और पारदर्शिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पूरी तरह कायम है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
विवाद तब शुरू हुआ, जब कुछ रिपोर्ट्स में ब्लैक बॉक्स डेटा का हवाला देते हुए कहा गया कि टेकऑफ के बाद पायलट ने फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिया था। हालांकि कई पायलट संगठनों और विशेषज्ञों ने इस दावे पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह तकनीकी खराबी भी हो सकती है। अब सबकी नजर अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है, जो पूरी सच्चाई बताएगी।







