Site icon News1India

Al Falah ग्रुप के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी 13 दिन की ED हिरासत में, ₹415 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

AL Falah UniversirtyAl Falah : अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन और अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जवाद अहमद सिद्दीकी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 नवंबर को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया है। दिल्ली की एक अदालत ने 19 नवंबर को उन्हें 13 दिनों के लिए ED की कस्टडी में भेजा है, यानी वे 1 दिसंबर तक हिरासत में रहेंगे। ED का आरोप है कि सिद्दीकी ने अपनी यूनिवर्सिटी और उससे जुड़ी संस्थाओं के जरिये ₹415.10 करोड़ तक की आपराधिक आय बनाई है।यूनिवर्सिटी ने गलत NAAC मान्यता और भ्रामक UGC दावा पेश करके छात्रों और माता-पिता को गुमराह किया। जाँच के दौरान ED ने 19 स्थानों पर छापेमारी की, जहाँ ₹48 लाख नकद, डिजिटल उपकरण और वित्तीय दस्तावेज बरामद किए गए। 

मंगलवार (18 नवंबर) शाम को आतंकवाद से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किए गए श्री सिद्दीकी को आधी रात के करीब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान के आवास पर पेश किया गया। कार्यवाही रात एक बजे तक चली। न्यायाधीश ने कहा, “प्रस्तुतीकरण पर ध्यानपूर्वक विचार करने के बाद, मेरा विचार है कि PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) की धारा 19 के तहत सभी अनुपालन किए गए हैं। अपराध की गंभीरता और जांच के प्रारंभिक चरण को देखते हुए, मैं यह उचित समझता हूं कि आरोपी को 13 दिनों की अवधि के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में भेज दिया जाए। ED ने आरोप लगाया है कि Al Falah विश्वविद्यालय ने झूठा दावा किया कि वह UGC से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय है और उसने अपनी NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) मान्यता की स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।

ED  ने कहा कि Al Falah विश्वविद्यालय ने 2018-2019 में 24.21 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो 2024-2025 में बढ़कर 80.10 करोड़ रुपये हो गया।

Exit mobile version