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दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित स्मॉग टावर से 50 मीटर तक 70 से 80 प्रतिशत कम हो रहा वायु प्रदूषण

नई दिल्ली। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज कनॉट प्लेस स्थित स्मॉग टावर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के अध्ययन की अंतरिम रिपोर्ट आइआइटी मुंबई की आयी है। उसमें यह स्मॉग टॉवर वायु प्रदूषण को 50 मीटर तक 70 से 80 प्रतिशत और 300 मीटर की दूरी पर 15 से 20 प्रतिशत तक कम करता है।

300 मीटर की दूरी तक स्मॉग टावर का प्रभाव

वायु प्रदूषण को कम करने में 300 मीटर की दूरी तक स्मॉग टावर का प्रभाव रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार तात्कालिक तथा दीर्घकालिक सभी प्रकार के कदम उठा रही है तथा टेक्नालॉजी का अधिकतम प्रयोग कर प्रदूषण को दूर करने का पूरा प्रयास कर रही है।

पिछले साल दिल्ली में स्मॉग टावर स्थापित किया गया था

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार पिछले साल दिल्ली में स्मॉग टावर स्थापित किया गया था। दुनिया के अंदर चीन में इस प्रकार के स्मॉग टावर स्थापित किया गया था, लेकिन उसकी टेक्नालॉजी अलग थी। वह नीचे से हवा खींचता था, उसे स्वच्छ करके ऊपर से छोड़ता था। यह स्मॉग टावर ऊपर से दूषित हवा को खीचता है तथा उसे स्वच्छ करके नीचे से बाहर निकालता है।

300 मीटर की दूरी पर 15 से 20 प्रतिशत तक असर

राय ने कहा कि पिछले एक साल के अध्ययन की जो रिपोर्ट आई है उसमें यह देखा गया है कि 50 मीटर की दूरी तक इसकी वायु प्रदूषण को कम करने की क्षमता 70 से 80 प्रतिशत है और 300 मीटर की दूरी पर 15 से 20 प्रतिशत तक कमी आ जाती है। इससे यह पता चला रहा है कि 300 मीटर की दूरी तक इस स्मॉग टावर का प्रभाव दिख रहा है।

उन्होंने बताया कि इसको और बेहतर किया जा रहा है। वैज्ञानिक को जो दिक्कतें सामने आ रही हैं उन्हें एक-एक करके दूर कर रहे हैं। आने वाली सर्दियों में यह कितना प्रभावशाली होगा इसका अध्ययन करने के बाद ही यह टीम अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर सरकार आगे निर्णय लेगी।उन्होंने कहा कि हमने एक्सपर्ट टीम से आग्रह किया है कि इस स्मॉग टावर को लगाने में 20 करोड़ रुपये की लागत आई है। यदि हमें दिल्ली के और भी जगहों पर इसे लगाने हैं तो इसकी लागत में कमी लाने का अध्ययन करें।

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