Aviation Explainer: क्या गांजा पीकर प्लेन उड़ा रहा था Air India का पायलट? 300 फीट नीचे गिरी थी फ्लाइट, 24 हुए थे घायल

फुकेट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट अचानक करीब 300 फीट नीचे चली गई, जिससे 24 लोग घायल हुए। जांच में कैप्टन के मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव आने से मामला गंभीर हो गया।

Pilot Marijuana Test: 4 अगस्त 2026 को Air India की फ्लाइट AI2379 फुकेट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। Airbus A320 में 137 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे चला गया। इस दौरान कई यात्री और क्रू सदस्य घायल हो गए। रिपोर्टों के मुताबिक कुल 24 लोग घायल हुए, जिनमें 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य शामिल थे।

Cockpit में क्या हुआ

घटना के बाद सामने आई रिपोर्टों ने मामले को और गंभीर बना दिया। सूत्रों के अनुसार पायलट-इन-कमांड का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह कथित तौर पर कॉकपिट के फर्श पर बैठा था और ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उसने कॉकपिट में धूम्रपान करने की कोशिश की। केबिन क्रू को उसे वापस सीट तक पहुंचाने में मदद करनी पड़ी। इसके बाद को-पायलट ने विमान का नियंत्रण संभाला।

गांजा टेस्ट का खुलासा

घटना के बाद दोनों पायलटों का अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट कराया गया। कैप्टन के शुरुआती टेस्ट में मारिजुआना की मौजूदगी का संकेत मिला। इसके बाद सैंपल को पुष्टि के लिए अधिकृत लैब भेजा गया। बाद की रिपोर्टों के अनुसार कन्फर्मेटरी टेस्ट भी पॉजिटिव आया। हालांकि, इसका मतलब यह अपने आप साबित नहीं करता कि पायलट ने उड़ान के दौरान गांजा पीकर ही विमान उड़ाया था। इस बात की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

Sleep Medicine भी चर्चा में

मामले में पायलट की नींद से जुड़ी दवा लेने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक कैप्टन ने DGCA को दिए अपने जवाब में बताया कि वह नींद की समस्या के लिए दवा ले रहा था। ऐसे में जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना होगा कि इस्तेमाल की गई दवा या किसी अन्य पदार्थ का उसकी फिटनेस पर कोई असर पड़ा था या नहीं।

जांच में क्या पता चलेगा

घटना की जांच में सिर्फ ड्रग टेस्ट पर ध्यान नहीं है। Aircraft Accident Investigation Bureau विमान के फ्लाइट डेटा, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और दोनों पायलटों के बयान समेत कई पहलुओं की जांच कर रहा है। Airbus और फ्रांस की BEA भी तकनीकी जांच में मदद कर रहे हैं। Air India ने भी जांच में सहयोग करने की बात कही है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि विमान के 300 फीट नीचे जाने की वजह केवल पायलट की कथित स्थिति थी। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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