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BRICS से पहले दिल्ली में सुंदरीकरण अभियान तेज़,फुटपाथों से बेघरों और दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई

Delhi Security: BRICS सम्मेलन से पहले दिल्ली की प्रमुख सड़कों और फुटपाथों को व्यवस्थित करने का काम चल रहा है। दिल्ली पुलिस, डूसिब, एमसीडी और एनडीएमसी की टीमें कई इलाकों में कार्रवाई कर रही हैं।

प्रशासन के मुताबिक, सड़क किनारे रहने वाले बेघर लोगों को सरकारी आश्रय गृहों में भेजा जा रहा है। इसके अलावा वीवीआईपी रूट और विदेशी मेहमानों के संभावित आवागमन वाले क्षेत्रों में अस्थायी दुकानों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी हटाया जा रहा है।

दिल्ली से बाहर भेजे जाने का आरोप

इस अभियान को लेकर सामाजिक संस्थाओं और कुछ स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि कई रैन बसेरों में पर्याप्त क्षमता नहीं होने के कारण कुछ बेघर लोगों को दिल्ली के दूर-दराज इलाकों में भेजा जा रहा है। कुछ लोगों को दिल्ली की सीमा से बाहर मुरादनगर तक ले जाकर छोड़ने का आरोप भी लगाया गया है।

हालांकि, संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से लोगों को इस तरह दिल्ली से बाहर भेजे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

4 हजार तक बेघरों का अनुमान

सरकारी एजेंसियों और सामाजिक संस्थाओं के अनुमान के मुताबिक, IGI एयरपोर्ट से लेकर नई दिल्ली और सेंट्रल जोन तक करीब 3,500 से 4,000 बेघर और भिखारी रह सकते हैं। इससे पहले G20 सम्मेलन के दौरान भी इसी तरह का अभियान चलाया गया था।

आयोजन समाप्त होने के बाद इनमें से कई लोगों के दोबारा सड़कों पर लौटने की बात सामने आई थी।

स्थायी समाधान पर सवाल

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले केवल बेघर लोगों को सड़कों से हटाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उनका तर्क है कि आश्रय, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था के बिना ऐसी कार्रवाई बार-बार दोहराई जा सकती है।

वहीं, कुछ लोगों ने अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों पर नियमित कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठाए हैं। भ्रष्टाचार या अधिकारियों की मिलीभगत से जुड़े दावे भी सामने आए हैं, लेकिन इनके समर्थन में ठोस आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

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